{"_id":"5b576aa24f1c1b52748b6af1","slug":"rafel-deal-congress-sent-pm-modi-sitaraman-notice-of-privilege-infringement","type":"story","status":"publish","title_hn":"राफेल डील पर जारी है रार, कांग्रेस ने पीएम मोदी, सीतारमन को भेजा विशेषाधिकार हनन का नोटिस ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राफेल डील पर जारी है रार, कांग्रेस ने पीएम मोदी, सीतारमन को भेजा विशेषाधिकार हनन का नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jul 2018 04:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। इससे पहले भाजपा के 4 सांसदों ने लोकसभा में राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया था।
विज्ञापन
मंगलवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में कार्यवाही एवं प्रक्रिया के नियम 222 के तहत रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को 20 जुलाई को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान उनके बयान पर यह नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
कांग्रेस का आरोप है कि राफेल फाइटर जेट डील मामले में प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने 'सदन को गुमराह' किया हैं। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के लोकसभा में दिए बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने न केवल सांसदों से झूठ बोला बल्कि पूरे देश को भी गुमराह किया। रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि 2008 को दोनों देशों के बीच हुए गोपनीय समझौते के चलते राफेल की कॉमर्शियल कीमतों का खुलासा नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राफेल डील में सेक्रेसी क्लॉज का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस का कहना है कि राफेल सौदे के समझौते से संबंधित दस्तावेजों में यह कहीं दर्ज नहीं है कि सरकार डील की कीमतों का खुलासा नहीं कर सकती है।
इससे पहले 18 नवंबर, 2016 को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान रक्षा राज्य मंत्री डा. सुरेश भामरे ने जानकारी देते हुए बताया था कि 23 सितंबर, 2016 को फ्रांस और भारत सरकार के बीच 36 राफेल विमान खरीदने का समझौता किया गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक राफेल विमान की लागत लगभग 670 करोड़ रुपए है और साल 2022 तक सभी राफेल विमानों की सप्लाई कर दी जाएगी।