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पी चिदंबरम ने कहा- राफेल विमान की क्षमता पर नहीं सौदे पर है सवाल, सेना-वायुसेना बयानबाजी से रहें दूर
Fri, 21 Dec 2018 11:22 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 21 Dec 2018 11:22 AM IST
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पी चिदंबरम
- फोटो : ANI
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पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली के बाद पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने भी राफेल सौदा पर वायुसेना और सेना प्रमुख की बयानबाजी पर आपत्ति जताई है। चिदंबरम ने कहा है कि राफेल विमान की क्षमता पर किसी को शक नहीं है बल्कि विमान के सौदे पर सवाल हैं। ऐसे में सेना और वायुसेना प्रमुख का राफेल विमान सौदे पर बयानबाजी अनुचित है।
पी चिंदबरम ने कहा, "हम वायु सेना प्रमुख पर सवाल खड़े नहीं कर रहे हैं, हम विनम्रता के साथ सेना और वायु सेना से इस बहस से बाहर रहने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि कोई भी विमान की क्षमता पर संदेह नहीं कर रहा है, बल्कि सौदे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।"
इससे पहले वीरप्पा मोइली ने वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ पर झूठ बोलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोइली ने कहा कि धनोआ ने सच को दबाने के लिए झूठ बोला। बता दें कि एक दिन पहले ही धनोआ ने जोधपुर में कहा था कि राफेल सौदा देश की सुरक्षा के मामले में गेम चेंजर साबित होगा। वहीं, उन्होंने राफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को शानदार बताया था।
मोइली ने कहा, 'सरकारी रिकॉर्ड में रक्षा मंत्री और वायु सेना प्रमुख धनोआ चाहते थे कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को शामिल किया जाए। धनोआ उस वक्त दसॉ के साथ एचएएल भी गए थे और एचएएल को सक्षम पाया और कहा था की कि उनमें क्षमता है। मुझे लगता है कि धनोवा झूठ बोल रहे हैं, वह सच को दबा रहे हैं।'
मोइली ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सुरक्षा और खजाने पर समझौता करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोइली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय भी सरकार के झूठ के आधार पर आया है।
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पी चिंदबरम ने कहा, "हम वायु सेना प्रमुख पर सवाल खड़े नहीं कर रहे हैं, हम विनम्रता के साथ सेना और वायु सेना से इस बहस से बाहर रहने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि कोई भी विमान की क्षमता पर संदेह नहीं कर रहा है, बल्कि सौदे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।"
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Palaniappan Chidambaram: We are not questioning the Air Force Chief, we are humbly requesting the Army and Air Force to stay out of this debate as no one is doubting the capability of the aircraft, questions are being raised on the deal #Rafale pic.twitter.com/puVbEF3LQE
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 21, 2018
इससे पहले वीरप्पा मोइली ने वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ पर झूठ बोलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोइली ने कहा कि धनोआ ने सच को दबाने के लिए झूठ बोला। बता दें कि एक दिन पहले ही धनोआ ने जोधपुर में कहा था कि राफेल सौदा देश की सुरक्षा के मामले में गेम चेंजर साबित होगा। वहीं, उन्होंने राफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को शानदार बताया था।
मोइली ने कहा, 'सरकारी रिकॉर्ड में रक्षा मंत्री और वायु सेना प्रमुख धनोआ चाहते थे कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को शामिल किया जाए। धनोआ उस वक्त दसॉ के साथ एचएएल भी गए थे और एचएएल को सक्षम पाया और कहा था की कि उनमें क्षमता है। मुझे लगता है कि धनोवा झूठ बोल रहे हैं, वह सच को दबा रहे हैं।'
मोइली ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सुरक्षा और खजाने पर समझौता करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोइली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय भी सरकार के झूठ के आधार पर आया है।