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IAF: राफेल फाइटर जेट को मिलेगा स्वदेशी टच, एफडीआर एनालिसिस सॉफ्टवेयर विकसित करने की तैयारी में भारतीय वायुसेना

Mon, 27 Apr 2026 09:15 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 27 Apr 2026 09:15 PM IST
सार

भारतीय वायुसेना का उद्देश्य राफेल बेड़े के लिए विशेष रूप से एक तेज और उन्नत एफडीआर एनालिसिस उपकरण विकसित करना है, जिसमें सॉफ्टवेयर के साथ-साथ आवश्यक हार्डवेयर (पीसी/लैपटॉप और एक्सेसरीज) भी शामिल होंगे। वर्तमान में इस कुशल उपकरण को विकसित करने के लिए नए प्रयासों की आवश्यकता है।

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Rafale fighter jets to get indigenous touch, IAF preparing to develop FDR analysis software
राफेल फाइटर जेट - फोटो : IANS

विस्तार

भारतीय वायुसेना अपने कम होते फाइटर स्क्वाड्रन को पूरा करने के लिए स्वदेशी और विदेशी दोनों तरह के फाइटर जेट खरीद रही है। स्वदेशी तेजस के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। हालांकि, अभी तक केवल 38 फाइटर जेट ही प्राप्त हुए हैं। एलसीए मार्क 1ए की डिलीवरी अभी तक शुरू नहीं हुई है। इसी के साथ, अतिरिक्त 114 राफेल विमानों की खरीद प्रक्रिया भी जारी है। वायुसेना के पास पहले से ही 36 राफेल लड़ाकू विमान मौजूद हैं।
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अब भारतीय वायुसेना भविष्य में राफेल के लिए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) एनालिसिस हेतु स्वदेशी सॉफ्टवेयर विकसित करने पर भी काम कर रही है। एयरफोर्स द्वारा तैयार किए गए कैपेबिलिटी रोडमैप में राफेल को भविष्य में स्वदेशी तकनीक से लैस करना भी शामिल है। दरअसल, भारतीय वायुसेना के अनुसार राफेल के मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) द्वारा प्रदान किया गया फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) एनालिसिस सॉफ्टवेयर लगभग 400 उड़ान मानकों को प्रोसेस करता है, डिजिटल डेटा को भौतिक मानों में परिवर्तित करता है और स्थिर, गतिशील तथा 3डी मोड में एनालिसिस करता है।
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हालांकि, यह सॉफ्टवेयर जटिल और धीमा है तथा केवल ओईएम द्वारा दिए गए एक विशेष लीडर पीसी तक सीमित है, जो केवल बेस पर स्थित होता है। इससे इसकी पहुंच सीमित हो जाती है। वायुसेना के मुताबिक इस समस्या का समाधान करना जरूरी है, ताकि मौजूदा एफडीआर प्रोसेसिंग क्षमताओं को एक तेज और प्रभावी एनालिसिस उपकरण के माध्यम से बेहतर बनाया जा सके। खास बात यह है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इस परियोजना में स्वदेशी उद्योगों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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एफडीआर यानी फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर एक महत्वपूर्ण उपकरण होता है, जो मिशन और एयरक्राफ्ट से संबंधित सभी जरूरी जानकारियों को रिकॉर्ड करता है। इसके बाद इन जानकारियों का विश्लेषण विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाता है। वायुसेना यूनिवर्सल एफडीआर डेटा माइनिंग सूट की आवश्यकता भी महसूस कर रही है। पुराने एयरक्राफ्ट में फोटोग्राफिक फिल्म आधारित एफडीआर से सॉलिड-स्टेट एफडीआर में अपग्रेड होने और एयरफोर्स में राफेल, सी-130, सी-17, सी-295, चिनूक और अपाचे जैसे आधुनिक विमानों के शामिल होने से डेटा की मात्रा काफी बढ़ गई है। पारंपरिक एफडीआर विश्लेषण सॉफ्टवेयर पहले से ज्ञात समस्याओं को तो संभाल सकता है, लेकिन नई या अनजानी दिक्कतों को पहचानने में उतना सक्षम नहीं है। मौजूदा सिस्टम पूर्व-निर्धारित पैरामीटर और सीमाओं पर निर्भर होते हैं, इसलिए वे केवल उन्हीं समस्याओं का पता लगा पाते हैं जो पहले से तय दायरे में आती हैं।

-इनपुट आईएएनएस
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