राफेल पर अरुण जेटली की राहुल गांधी को दो टूक, कहा- सार्वजनिक संवाद कोई लाफ्टर चैलेंज नहीं
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राफेल डील का मुद्दा पिछले काफी दिनों से देश की राजनीति में छाया हुआ है। विपक्षी पार्टियां इस मामले पर लगातार सरकार को घेर रही है। वहीं सरकार भी बार-बार अपना रुख साफ करते हुए विपक्ष के दावों का पुरजोर खंडन कर रही है। इसी बीच राफेल को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने इसपर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि तमाम आरोपों के बावजूद यह सौदा रद्द नहीं होगा। उन्होंने राहुल गांधी से लेकर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांक्वा ओलांद के दावों पर प्रतिक्रिया दी।
अरुण जेटली ने राहुल द्वारा पीएम मोदी को चोर कहने वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'सार्वजनिक संवाद कोई लाफ्टर चैलेंज नहीं है। आप कभी भी हग करलो, आंख मारलो फिर गलत बयान 10 बार देते रहो। लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं लेकिन शब्दावली ऐसी हो जिसमें बुद्धि दिखाई दे। लोकतंत्र में आपके पास आलोचना का अधिकार है लेकिन शब्दों का इस्तेमाल संभलकर करना चाहिए।'
वित्त मंत्री ने ओलांद के राफेल को लेकर दिए बयान को लेकर कहा, 'मुझे इस बात में कोई आश्चर्य नहीं होगा यदि यह सब गुप्त रूप से बनाई हुई योजना का हिस्सा है। 30 अगस्त को उन्होंने (राहुल) क्यों ट्वीट कर कहा कि पेरिस में कुछ बम चलने वाले हैं और फिर उसी लय में सबकुछ हुआ जैसा कि उन्होंने अंदाजा लगाया था। उन्हें कैसे मालूम कि ऐसा बयान आने वाला है? यह जो इस तरह की जुगलबंदी है, मेरे पास कोई सबूत नहीं हैं लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है।'
जेटली ने ओलांद के बयान को कांग्रेस द्वारा सच माने जाने पर कहा, 'कांग्रेस किसी पर भी विश्वास कर सकती है लेकिन आपको आचरण के बुनियादी सिद्धांत को याद रखना चाहिए, जिसका सदियों से दुनिया भर में पालन किया जा रहा है। जो इस तरह है- शख्स गलत तथ्य बता सकते हैं, हालात कभी झूठ नहीं बोलते। राहुल गांधी की सोच पर दया आती है। यह घोटाला कैसे हो सकता है। यदि एक दर्जन भारतीय कंपनियां कह रही हैं कि यह 56 हजार करोड़ रुपये का कांट्रैक्ट है। यदि ऑफसेट 28 हजार करोड़ के हैं, तो मैं उन 20 में से एक बनना चाहता हूं जो ऑफसेट आपूर्ति करने वाले हैं? हर किसी को 2-4 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। यह अप्रासंगिक कैसे हो सकता है?'
शनिवार को राहुल गांधी ने राफेल डील को सुरक्षबलों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक बताया था। उन्होंने कहा था कि मोदी जी आपने हमारे शहीदों के लहू का अपमान किया है। आपको शर्म आनी चाहिए। उनके इस बयान पर जेटली ने पलटवार करते हुए कहा, 'यह बहुत आपत्तिजनक बयान है। सर्जिकल स्ट्राइक ऐसी है जिसपर भारत को गर्व है। आपकी देशभक्ति संदिग्ध है यदि आप इससे शर्मिंदा हैं और इसे अपमानजनक तरीके से देखते हैं।'
राफेल डील पर विपक्ष पीएम नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांग रहा है और साथ ही उनसे इस कथित घोटाले पर बोलने का दबाव डाल रहा है। इसपर जेटली ने कहा, 'मैं आपको बताना चाहता हूं जिन्हें बोलना था वह बोल चुके हैं। केवल इसलिए कि कोई भी असत्य और असभ्यता का सहारा लेता है तो इस तरह के विवाद में पीएम को हिस्सा लेने की जरुरत नहीं है।' उन्होने कहा कि तमाम आरोपों के बावजूद इस सौदे को रद्द नहीं किया जाएगा।
WATCH: FM Arun Jaitley speaks to ANI over former French President Francois Hollande's recent revelations(Hindi) https://t.co/o8c2Lje12I
— ANI (@ANI) September 23, 2018