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बार कोड की मदद से सलाखों के पीछे पहुंचा सड़क हादसे को अंजाम देने वाला रेडियो जॉकी...
Sat, 06 Jul 2019 05:59 PM IST
गौरव द्विवेदी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 06 Jul 2019 05:59 PM IST
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अंकित गुलाटी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस जांच में एक बात कही जाती है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह अपने पीछे कोई न कोई ऐसा सबूत छोड़ देता है, जिससे देर-सवेर पुलिस उसके गिरेबां तक पहुंच जाती है। दिल्ली में एक रेडियो जॉकी के साथ भी कुछ ऐसा ही घटित हुआ है। सड़क हादसे के आरोपी रेडियो जॉकी ने पुलिस से बचने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी गाड़ी पर लगे बंपर के एक छोटे से टुकड़े ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस को बंपर का यह टुकड़ा सड़क हादसे के बाद मौके पर मिला था। इस पर बार कोड लगा था, बस यहीं से पुलिस ने अपनी जांच शुरू की और पांच दिन की कड़ी मेहनत के बाद आरोपी रेडियो जॉकी अंकित गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया।
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नई दिल्ली के डीसीपी मधुर वर्मा बताते हैं, 30 जून की सुबह पुलिस को रायसीना रोड पर एक स्कूटर सवार का शव मिला था। जांच के दौरान पुलिस को मौके पर क्रेटा गाड़ी के बंपर का एक छोटा सा टुकड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से पता लगाया कि यह हिट एंड रन का मामला है। आमतौर पर हिट एंड रन के मामले सुलझाना पुलिस के लिए आसान नहीं माना जाता है, क्योंकि ऐसे केसों में सबूत मिलना बड़ा मुश्किल होता है। आरोपी वाहन चालक टक्कर मारने के बाद आसानी से भाग निकलते हैं। सुबह पांच-छह बजे ट्रैफिक पुलिस भी तैनात नहीं रहती। इस घटना में भी आरोपी रेडियो जॉकी ने कुछ ऐसा ही किया। सड़क हादसे के बाद वह यह समझकर मौके से भाग निकला कि उसे किसी ने नहीं देखा।
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आरोपी रेडियो जॉकी तक ऐसे पहुंची दिल्ली पुलिस...
पुलिस को यह पता लग गया था कि वह गाड़ी क्रेटा है, जिसका रंग काला है। मौके पर मिले बंपर के टुकड़े को लेकर पुलिस जब संबंधित वाहन निर्माता कंपनी में पहुंची तो मालूम हुआ कि इस टुकड़े पर एक बार कोड भी है। कंपनी ने बार कोड की मदद से पता लगाया कि वह बंपर मार्च 2018 में गाड़ी पर लगाया गया था। इससे साफ हो गया कि हादसे को अंजाम देने वाली गाड़ी 2018 मॉडल की है। कंपनी से भी पता चल गया कि पिछले साल 22 हजार क्रेटा बिकी हैं। इनमें से लगभग 12 हजार गाड़ियां अकेले दिल्ली-एनसीआर में बिकी हैं। इतनी गाड़ियों के बीच हादसा करने वाली क्रेटा को तलाशना पुलिस के लिए कितना मुश्किल था, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने इनमें से काले रंग की क्रेटा के बारे में पता लगाया तो उनकी संख्या लगभग चार सौ निकली। हादसे में शामिल गाड़ी झंडेवालान की ओर गई थी, यह पता लगाकर पुलिस ने इस इलाके में रहने वाले क्रेटा गाड़ी के मालिकों की जांच की तो आरोपी पकड़ में आ गया।
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आरोपी की लोकेशन का मिलान होते ही सुलझ गया मामला...
पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो उसके पिता ने बताया कि गाड़ी मोती नगर के सर्विस सेंटर पर खड़ी है। इससे पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस के पास अब अंकित गुलाटी का नंबर आ चुका था। पुलिस ने जब उसके मोबाइल फोन की 30 जून की सुबह वाली लोकेशन निकाली तो वह रायसीना रोड पर मिली। इससे साफ हो गया कि हादसे में शामिल क्रेटा गाड़ी अंकित की है। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। अंकित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह ड्राइविंग के वक्त फोन पर बात कर रहा था, इसी दौरान वह हादसा हो गया।