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पुत्तिंगल हादसा: एक मां का दर्द, मेरा बेटा फिर से स्कूल जा पाएगा ना...

Mon, 11 Apr 2016 10:16 AM IST
दिव्या आर्य/ बीबीसी संवाददाता, कोल्लम से
दिव्या आर्य/ बीबीसी संवाददाता, कोल्लम से Updated Mon, 11 Apr 2016 10:16 AM IST
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Puttingal Fire: a mother's pain, will my son go to school again
घायल बच्चे की मां - फोटो : BBC

शकुंतला सूनी आंखों से टकटकी लगाए अपने बेटे को देख रहीं थी। लेकिन सिर से पांव तक पट्टियों में ढँके उसके शरीर की जलन ने जैसे उसे और उसकी मां दोनों को खामोश कर दिया था। आखिर मुझे देख बोल पड़ीं, “वो हर जगह से जल गया है, शरीर का हर हिस्सा। मैं क्या करूंगी। मेरे पति ने मुझे कुछ साल पहले छोड़ दिया। औरों के घरों में काम कर पेट पालती हूं, इसका इलाज कैसे करवाऊंगी।”

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14 साल का उनका बेटा शाबिर तिरुवनंतपुरम मेडिकल असपताल के बर्न्स आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों के मुताबिक आईसीयू में उसके साथ भर्ती 8 लोगों में से ज्यादातर के शरीर 90 फीसदी से ज्यादा जल गए हैं। कोल्लम में मंदिर में लगी आग में घायल हुए 300 लोगों में से करीब 100 लोग राजधानी तिरुवनंतपुरम के इस अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए हैं।
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शकुंतला बताती हैं कि रविवार सुबह वो तो घर पर थीं, पर उनका बेटा मंदिर की छत से आतिशबाजी देख रहा था कि धमाका हो गया। वो कहती हैं, “डॉक्टर कुछ बताते नहीं कि अब आगे क्या होगा? मेरा शाबिर स्कूल जा पाएगा?” वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल है। डॉक्टर और नर्स एक मरीज से दूसरे मरीज के बीच तेजी से काम कर रहे हैं।

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'मैं बाहर से झांकते हुए नजर घुमाती हूं और शाबिर को ढूंढती हूं'

Puttingal Fire: a mother's pain, will my son go to school again
हादसे में जला हुआ बच्चा - फोटो : BBC

ऑक्सीजन मास्क, खून से सनी पट्टियों और मशीनों की तारों के बीच दर्द से आतंकित एक चेहरा दिखाई देता है। प्लास्टिक सर्जरी के विभाग की प्रमुख कोमल रानी बताती हैं, “अभी कुछ भी कहना मुशकिल है।”

डॉक्टर रानी के मुताबिक, “हादसे के कुछ ही घंटों में इन लोगों को यहां ले आया गया लेकिन पूरे शरीर का बड़ा हिस्सा जलने की वजह से इन सबकी हालत बहुत नाजुक बनी हुई है।”

उनके कमरे से निकलकर जब मैं बाहर आती हूं तो मेरी नजरें नीची हैं। पर एक कोने में बैठीं शकुंतला की पथराई सी आंखें मुझे ढूंढ निकालती हैं। पास जाकर उनके हाथ पर हाथ रख देती हूं। वो भी समझती हैं कि मेरे पास उनके सवाल का जवाब नहीं, बस होठों पर शाबिर के लिए दुआ है।

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