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पंजाब के मुख्यमंत्री अपने मंत्री-विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे, कृषि बिल को लेकर जंतर-मंतर पर दिया धरना

Thu, 05 Nov 2020 02:38 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 05 Nov 2020 02:38 AM IST
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Punjab Chief Minister reached Delhi with his ministerial and legislators, Protest at Jantar Mantar over agriculture bill
Capt. Amarinder Singh at Jantar Mantar - फोटो : Twitter@capt_amarinder

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह संसद से पारित नए कृषि कानूनों की काट के लिए विधानसभा से पारित विधेयक को अमली जामा पहनाए जाने को लेकर बुधवार को अपने मंत्रियों विधायकों के साथ दिल्ली पंहुचे और जंतर-मंतर पर धरना दिया।

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कैप्टन ने विधानसभा से पारित विधेयक को अमली जामा पहनाए जाने को लेकर राष्ट्रपति से समय भी मांगा था, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद कैप्टन अपने सभी विधायकों के साथ जंतर-मंतर पर धरना देने पहुंचे। पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस ने दिल्ली के बार्डर पर रोक लिया था। जिस पर सिद्धू और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जंतर-मंतर पर कहा कि कृषि राज्य सरकारों का विषय है। हमारी सरकार ने अपने अधिकारों के तहत किसानों की सुरक्षा में नए कृषि कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि ये विधेयक अभी भी राज्यपाल के पास पड़े हैं। जबकि हम 20 अक्तूबर को उन्हें विधेयक दे आए थे। उन्होंने अभी तक उसे राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा है। राष्ट्रपति से मुलाकात का समय न मिलने पर कहा कि मैं राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब की स्थिति से उन्हें अवगत कराना चाहता था। उम्मीद करता हूं कि राष्ट्रपति इस बिल को स्वीकार करेंगे।
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धरना स्थल पर अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में शांति बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है। हमने अपने देश के लिए कई बार अपना खून दिया और आगे भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम झगड़ा या टकराव नहीं चाहते हैं। पंजाब में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है। उन्होंने राजघाट में धरने की इजाजत न दिए जाने पर कहा कि हमारा मकसद था कि महात्मा गांधी जी की समाधि पर जाएं और वहीं धरने पर बैठें। धारा 144 के चलते हम जंतर-मंतर पर बैठें हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की आबादी तीन करोड़ से ज्यादा है। देश की चीन, पाकिस्तान की सीमाओं पर पंजाबी बैठे हैं। हम कभी एंटी नेशनल बात नहीं कर सकते। राज्य 40 फीसदी अनाज एफसीआई को देता है। हरित क्रांति से पहले से भी हमारे यहां आढ़ती सिस्टम चला आ रहा है। किसी की बेटी की शादी है तो उसे रात में कभी भी पैसे मिल जाते हैं तो बताइए आप ये सिस्टम क्यों खत्म कर रहे हैं। उनकी जगह कारपोरेट हाउस ले लेंगे तो क्या किसान की मदद हो सकेगी। केंद्र सरकार भाई-भाई का रिश्ता तोड़ रही है।

कैप्टन ने बताया कि जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तो हमने किसानों को समझाया। दो बातें को कभी नहीं छेड़ना नहीं चाहिए। एक धर्म के मसले को और दूसरे पेट के मसले को। रोज पाकिस्तान के ड्रोन आते हैं और छेड़छाड़ करने की कोशिश करते हैं। हम केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, हम परेशानी नहीं चाहते हैं। हमारे यहां ट्रेन बंद किए हुए हैं। किसान सिर्फ दो मुख्य सड़कों पर हैं। सरकार को बाकी जगह ट्रेन चला देनी चाहिए।


उन्होंने बताया कि मैंने रेलवे मंत्री से कहा भी कि आप ट्रेन चलाओ मैं जिम्मेदारी लेता हूं। हमारे यहां पावर प्लांट में कोयला खत्म हो गया जिससे बिजली की समस्या हो गई है। अनाज रखने के लिए बारदाना नहीं है। आलू के लिए खाद नहीं आ पा रही है। बंपर फसल हुई है, उसके लिए ट्रेन चाहिए। बोरे नहीं आएंगे तो हम अनाज कैसे भरेंगे।

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