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BJP: पंजाब में 2022 की राह पर भाजपा, AAP में बगावत के बाद और आक्रामक हुई रणनीति; नाराज नेताओं पर पैनी नजर
Sat, 25 Apr 2026 04:59 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 25 Apr 2026 04:59 AM IST
सार
ताजा घटनाक्रम में सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने को पार्टी की बड़ी सियासी सफलता माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव से पहले संगठन विस्तार और राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
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पंजाब चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी तैयारी
- फोटो : ANI
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विस्तार
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना कुनबा बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी में हालिया बगावत के बाद भाजपा और आक्रामक नजर आ रही है। पार्टी की नजर अब कांग्रेस शिअद और आप के नाराज नेताओं पर है जिससे विरोधी दलों में बेचैनी बढ़ गई है।
साल 2022 से पहले भाजपा शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में रही और तीन बार सरकार का हिस्सा बनी। पिछली बार पार्टी ने अकेले चुनाव लड़कर अपनी रणनीति बदली और कांग्रेस व शिअद में सेंधमारी कर कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इसी ट्रेंड को भाजपा अब फिर दोहराने की तैयारी में है क्योंकि फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
असंतुष्ट नेताओं पर भाजपा की पैनी नजर
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा लंबे समय से अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं पर नजर रखती है। उनकी राजनीतिक छवि और जनाधार को परखने के बाद ही उन्हें पार्टी में शामिल किया जाता है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी किसी पर दबाव नहीं बनाती। जब अन्य दलों के नेता अपने दल से असंतुष्ट होते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है तब वे भाजपा के करीब आते हैं।
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उन्होंने बताया कि भाजपा में शामिल होने के लिए एक तय प्रक्रिया है। इसमें संभावित नेता का साक्षात्कार लिया जाता है और उसके राजनीतिक करियर व छवि का पूरा आकलन किया जाता है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पार्टी उन्हें सदस्यता देती है। इस कारण यह आरोप गलत है कि भाजपा दबाव बनाकर नेताओं को शामिल करती है। पंजाब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रितपाल बलियावाल का कहना है कि हालिया घटनाक्रम अभी शुरुआत है। उनके अनुसार कई बड़े नेता भाजपा के संपर्क में हैं और आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक बढ़त के लिए झोंकी ताकत
साल 2022 के चुनाव से पहले और उसके बाद भाजपा ने कांग्रेस और शिअद के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा जयइंद्र कौर, प्रितपाल सिंह बलियावाल, रंजन कामरा, फतेहजंग बाजवा, केवल ढिल्लों, जगमीत सिंह, रिपजीत सिंह बराड़, अश्वनी सेखड़ी और शिअद के गोनी अजनाला, परमिंद्र बराड़, जगदीप सिंह नकई और महेंद्र कौर जोश सहित कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
ताजा घटनाक्रम में सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने को पार्टी की बड़ी सियासी सफलता माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव से पहले संगठन विस्तार और राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
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साल 2022 से पहले भाजपा शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में रही और तीन बार सरकार का हिस्सा बनी। पिछली बार पार्टी ने अकेले चुनाव लड़कर अपनी रणनीति बदली और कांग्रेस व शिअद में सेंधमारी कर कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इसी ट्रेंड को भाजपा अब फिर दोहराने की तैयारी में है क्योंकि फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
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असंतुष्ट नेताओं पर भाजपा की पैनी नजर
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा लंबे समय से अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं पर नजर रखती है। उनकी राजनीतिक छवि और जनाधार को परखने के बाद ही उन्हें पार्टी में शामिल किया जाता है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी किसी पर दबाव नहीं बनाती। जब अन्य दलों के नेता अपने दल से असंतुष्ट होते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है तब वे भाजपा के करीब आते हैं।
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उन्होंने बताया कि भाजपा में शामिल होने के लिए एक तय प्रक्रिया है। इसमें संभावित नेता का साक्षात्कार लिया जाता है और उसके राजनीतिक करियर व छवि का पूरा आकलन किया जाता है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पार्टी उन्हें सदस्यता देती है। इस कारण यह आरोप गलत है कि भाजपा दबाव बनाकर नेताओं को शामिल करती है। पंजाब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रितपाल बलियावाल का कहना है कि हालिया घटनाक्रम अभी शुरुआत है। उनके अनुसार कई बड़े नेता भाजपा के संपर्क में हैं और आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक बढ़त के लिए झोंकी ताकत
साल 2022 के चुनाव से पहले और उसके बाद भाजपा ने कांग्रेस और शिअद के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा जयइंद्र कौर, प्रितपाल सिंह बलियावाल, रंजन कामरा, फतेहजंग बाजवा, केवल ढिल्लों, जगमीत सिंह, रिपजीत सिंह बराड़, अश्वनी सेखड़ी और शिअद के गोनी अजनाला, परमिंद्र बराड़, जगदीप सिंह नकई और महेंद्र कौर जोश सहित कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
ताजा घटनाक्रम में सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने को पार्टी की बड़ी सियासी सफलता माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव से पहले संगठन विस्तार और राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
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