पुणे पोर्श केस: निचली अदालत ने आरोपी के माता-पिता की हिरासत बढ़ाई; हाईकोर्ट पहुंची चाची, तत्काल रिहाई की अपील
Pune Porsche Crash: पुणे की एक अदालत ने पोर्श दुर्घटना में शामिल आरोपी किशोर के माता-पिता और एक अन्य आरोपी को 14 और दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर किशोर की चाची ने बॉम्बे हाईकोर्ट से तुरंत रिहाई की मांग की है।
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पुणे पोर्श कार हादसा..एक ऐसा हादसा जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। शराब के नशे में धुत होकर एक किशोर लग्जरी कार में सवार हुआ। तेज रफ्तार से कार चलाई और इस बीच एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। देशभर में इस मामले की चर्चा हुई तो शासन प्रशासन हरकत में आया। अब इस मामले की सुनवाई कर रही पुणे की एक अदालत ने किशोर के माता-पिता और एक अन्य आरोपी को 14 और दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
माता-पिता पर क्या हैं आरोप?
पुलिस का दावा है कि किशोर के पिता विशाल अग्रवाल और ससून अस्पताल के डॉ. श्रीहरि हल्नोर के बीच बिचौलिए अशपाक मकंदर ने रक्त के नमूनों की अदला-बदली के लिए तीन लाख रुपये में डील कराई थी। इसके अलावा आरोप है कि किशोर के रक्त के नमूने और उसकी मां के रक्त के नमूनों की अदला-बदली की गई थी।
किशोर की चाची ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की याचिका
पुणे पोर्श कार हादसा मामले में आरोपी किशोर की चाची ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दावा किया है कि किशोर को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है। उन्होंने किशोर की तत्काल रिहाई की मांग की है। 10 जून को दायर याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति भारती डांगरे और मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने सुनवाई की। तमाम दलीलें सुनने के बाद पीठ ने याचिका पर सुनवाई 20 जून के लिए टाल दी।
मृतकों की विसरा रिपोर्ट से केस पर असर नहीं पड़ेगा- पुलिस
उधर, पोर्श कार दुर्घटना मामले में मृतकों की विसरा रिपोर्ट से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद पुणे पुलिस ने गुरुवार को स्पष्टीकरण दिया। पुलिस का कहना है कि मृतकों की विसरा रिपोर्ट से केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पोर्श कार के नाबालिग चालक ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी थी।
19 मई को कल्याणी नगर में हुई थी घटना
बता दें कि 19 मई को पुणे के कल्याणी नगर में पोर्श कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार दो आईटी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। दोनों मृतकों की पहचान अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा के रूप में हुई थी। आरोप है कि पोर्श कार को 17 वर्षीय किशोर चला रहा था, जो घटना के वक्त नशे में था।