फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pune Police big success: Avinash Rathod, mastermind behind an ₹88 crore fraud, brought to India from UAE

पुणे पुलिस की बड़ी सफलता: 88 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड का प्रत्यर्पण, यूएई से भारत लाया गया अविनाश राठौड़

Sat, 25 Jul 2026 12:35 PM IST
सुनील मेहरोत्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुनील मेहरोत्रा Updated Sat, 25 Jul 2026 12:35 PM IST
सार

सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की मदद से इंटरपोल के जरिए वॉन्टेड आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत वापस ले आई है। सीबीआई की टीम उसे 23 जुलाई को मुंबई लेकर पहुंची है। अविनाश राठौड़ एक बड़े आर्थिक घोटाले के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसने अपने बाकी साथियों के साथ मिलकर लोगों को अलग-अलग स्कीमों में पैसे लगाने का लालच दिया था। इन स्कीमों में हर महीने तय रकम वापस देने का झूठा वादा करके करोड़ों रुपये जमा किए गए थे।

विज्ञापन
Pune Police big success: Avinash Rathod, mastermind behind an ₹88 crore fraud, brought to India from UAE
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी के मुख्य आरोपी अविनाश राठौड़ को पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के बाद संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया है। करीब 88 करोड़ रुपये की निवेश ठगी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, मामले में वर्ष 2023 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत 20 अप्रैल 2023 को दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा, पुणे शहर को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि बाणेर स्थित एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी के संचालक अविनाश राठौड़ और उनकी पत्नी विशाखा अविनाश राठौड़ ने निवेशकों को कम समय में अधिक और आकर्षक रिटर्न देने का वादा किया। लोगों से विधिवत निवेश समझौते किए गए, लेकिन बाद में उन समझौतों का पालन नहीं किया गया और निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने कंपनी में 86 लाख 37 हजार 500 रुपये का निवेश किया था, जिसे वापस नहीं किया गया। जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हुआ कि केवल एक निवेशक ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों से इसी तरह निवेश कराया गया और कुल मिलाकर करीब 88 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। मामला दर्ज होने के बाद अविनाश और उसकी पत्नी विशाखा फरार हो गए। पुलिस को आशंका थी कि दोनों देश छोड़कर विदेश भाग सकते हैं। इसी को देखते हुए 24 अप्रैल 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया, ताकि वे भारत से बाहर न जा सकें या विदेश से लौटते ही गिरफ्तार किए जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद पुणे के विशेष एमपीआईडी न्यायालय, शिवाजीनगर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दोषारोप पत्र भी दाखिल किया और उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए गए। देशभर में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली। 4 जून 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। इसके आधार पर यूएई की संबंधित एजेंसियों ने अविनाश अर्जुन राठौड़ को हिरासत में लिया। 23 जुलाई 2026 को आरोपी को भारत प्रत्यर्पित किया गया। मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को पुणे लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने विस्तृत पूछताछ के लिए 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed