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Pune Minibus Fire: 'हम सदमे में, पुलिस की मदद कर रहे', बस की आग में चार कर्मचारियों को खोने वाली फर्म का दर्द

Fri, 21 Mar 2025 04:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 21 Mar 2025 04:37 PM IST
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Pune minibus fire: We’re in shock, cooperating with police, says firm that lost four staffers
पुणे बस में आग - फोटो : PTI

पुणे की बस में लगी आग में चार लोगों की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में बस का संचालन करने वाली पुणे की कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह पुलिस के साथ सहयोग कर रही है और सभी घायल पीड़ितों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है। पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर जनार्दन हंबरडेकर बदला लेना चाहता था, क्योंकि उसका कंपनी व्योमा ग्राफिक्स के कुछ कर्मचारियों के साथ विवाद था और वह वेतन कटौती से भी परेशान था।

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यह भी पढ़ें- वेतन में कटौती...कंपनी के कर्मियों से नाराजगी, बदला लेने के लिए चालक ने खुद बस में लगाई आग; चार की मौत
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पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस विशाल गायकवाड़ ने पहले बताया था कि जांच से पता चला है कि यह कोई आग की सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सोची समझी साजिश थी। डीसीपी ने कहा कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ ड्राइवर की दुश्मनी थी, वे मृतक चार लोगों में शामिल नहीं थे। इस बीच कंपनी के अधिकारी नितेश शाह ने शुक्रवार को पुलिस के साथ सहयोग करने और पीड़ितों की देखभाल करने का आश्वासन दिया।
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नितेश शाह ने कहा, 'हम सदमे में हैं। जांच चल रही है और हम पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं। हम सभी घायलों को चिकित्सा सहायता भी मुहैया कर रहे हैं। वे सभी हमारे परिवार के सदस्य जैसे हैं और हम उनकी देखभाल कर रहे हैं।' 



क्या है मामला?
घटना बुधवार सुबह पुणे शहर के पास हिंजवाड़ी इलाके में हुई, जब कंपनी की बस में आग लग गई। बस में 14 कर्मचारी सवार थे। डीसीपी ने कहा, 'आरोपी ने एक अत्यधिक ज्वलनशील रसायन बेंजीन खरीदा था। उसने बस में कपड़े का एक टुकड़ा भी रखा था, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर सतहों को पोंछने के लिए औद्योगिक टोनर को भिगोने के लिए किया जाता है। जैसे ही बस हिंजवाड़ी के पास पहुंची, उसने माचिस जलाई और कपड़े में आग लगा दी।' 

ड्राइवर का इलाज जारी, गिरफ्तारी की तैयारी
अधिकारी ने कहा कि आरोपी चलती बस से कूद गया, जो करीब 100 मीटर तक चलती रही और फिर रुक गई। जांच के मुताबिक, बाहर निकलने से पहले हंबरदेकर पहले ही झुलस चुका था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्राइवर का अस्पताल में इलाज चल रहा है और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चार कर्मचारियों शंकर शिंदे (63), राजन चव्हाण (42), गुरुदास लोकरे (45) और सुभाष भोसले (44) की मौत हो गई। वे पीछे बैठे थे और समय पर आपातकालीन निकास द्वार नहीं खोल पाए। इसके अलावा छह अन्य यात्री भी आग की चपेट में आए।

पीड़ित सुभाष भोसले के चचेरे भाई का छलका दर्द
इस बीच शुक्रवार को पीड़ित सुभाष भोसले के चचेरे भाई विनोद भोसले ने कहा कि पीड़ित की पत्नी और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक बच्चा है। विनोद ने कहा, 'मैं बीमा के लिए उनके बैंक खाते का विवरण लेने के लिए कंपनी गया था। मैं क्या मांग सकता हूं? मैंने अपना भाई खो दिया। हालांकि, उनके परिवार के सदस्यों का ख्याल रखा जाना चाहिए।'

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