पुणे: शख्स ने फाइजर के सीईओ को भेजा मेल, भारत में कोविड टीके की उपलब्धता के बारे में पूछा, तुरंत मिला जवाब
फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बौर्ला ने एक भारतीय द्वारा ईमेल के जरिये कोरोना वैक्सीन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमें अभी तक भारत में नियामकीय मंजूरी नहीं मिली है।
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पूरा देश कोरोना महामारी की जद में है और इस घातक बीमारी से निपटने में काम आने वाली कोरोना टीकों की भी भारी कमी है। ऐसे में केंद्र सरकार कोविड टीकों के उत्पादन में तेजी लाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है, ताकि देशवासियों को जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध हो सके। इस बीच वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर महाराष्ट्र के पूणे में रहने वाले 58 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल प्रकाश मीरपुरी ने फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बौर्ला को एक ईमेल लिख भेजा। दरअसल, मीरपुरी ने अपने ईमेल के जरिये बौर्ला से पूछा कि उनकी कंपनी की कोविड-19 वैक्सीन भारत में कब तक उपलब्ध होगी। मजे की बात तो यह रही कि मीरपुरी को उनके मेल का जवाब भी आ गया।
बौर्ला ने दिया जवाब
बता दें, 26 मई को प्रकाश मीरपुरी के ईमेल का जवाब देते हुए बौर्ला ने उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और अपने परिवार को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन का टीका लगाने की कोशिशों की सराहना की। बौर्ला ने आगे लिखा, ‘हमें अभी तक भारत में नियामकीय मंजूरी नहीं मिली है। हम सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अपनी वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार के साथ एक समझौते पर पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’
दोस्त ने फाइजर वैक्सीन को बताया सबसे अच्छा
एक समाचार चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, जब पुणे के रहने वाले मीरपुरी से पूछा गया कि उन्होंने फाइजर के सीईओ को ईमेल क्यों लिखा तब उन्होंने बताया कि वह 18 मार्च को कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आइसोलेशन के दौरान उन्होंने इंटरनेट ब्राउज करके और जानकार दोस्तों के संपर्क में रहकर खुद को व्यस्त रखा। अमेरिका के ऐसे ही एक दोस्त अभय ने उनसे बार-बार फाइजर वैक्सीन का टीका लगवाने का अनुरोध किया और कहा कि यह सबसे अच्छा टीका है।
इन कंपनियों को भी लिखा पत्र
प्रकाश ने बताया कि उनके दोस्त अभय की मां व्हाइट हाउस के चिकित्सकों की पैनल सदस्य रही हैं। मीरपुरी ने कहा कि वह टीकों को लेकर दोस्त की जानकारी पर पूरा भरोसा करते हैं। इसलिए जब वह कोरोना से उबर गए तो उन्होंने वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा कि क्या वे भारत में कोविड के टीके उपलब्ध कराएंगे। मीरपुर ने तीन कंपनियों फाइजर के अलावा मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन को भी पत्र लिखा और इन तीनों कंपनियों में शेयरधारक बनने का भी फैसला किया। इसके लिए उन्होंने करीब 5 लाख रुपये का निवेश किया। उन्हें यकीन था कि कंपनियां अपने शेयरधारक द्वारा भेजे गए ईमेल का जवाब देंगी।
भारत में उपलब्ध टीका लगवाएंगे
मीरपुरी ने बताया कि भले ही उन्हें फाइजर के सीईओ से प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन वे खुद को और अपने परिवार को भारत में उपलब्ध टीका लगवाएंगे क्योंकि फाइजर को सभी आवश्यक मंजूरी मिलने में अभी कुछ समय लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी देशवासियों से जल्द से जल्द टीका लगवाने और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।