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भीमा कोरेगांव हिंसा : पुणे कोर्ट ने मामला मुंबई की एनआईए कोर्ट को सौंपा

Fri, 14 Feb 2020 06:42 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 14 Feb 2020 06:42 PM IST
सार

शुक्रवार को पुणे सत्र न्यायालय ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। पुणे के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.आर. नवांदर ने मामला स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों को 28 फरवरी को स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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Pune court transfer hearing of Elgar Parishad case to Mumbai NIA court
भीमा कोरेगांव हिंसा की आग दिल्ली पहुंची - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने एनआईए की ओर से किए गए आवेदन का विरोध किया था। सरकार की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि एनआईए को मामले की जांच सौंपने को लेकर कानूनी और पर्याप्त कारण नहीं दिए गए हैं। अपराध पुणे कोर्ट के स्थानीय अधिकार क्षेत्र में हुआ है। जांच अधिकारी ने कोर्ट के समक्ष आरोप पत्र भी दायर किया था। लेकिन शुक्रवार को पुणे पुलिस ने मामला एनआईए को सौंपने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद सभी पहलुओं पर विचार करने के उपरांत कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। बता दें कि 1 जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हो गए थे।

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नवलखा और तेलतुंबड़े  की जमानत याचिका खारिज

इधर, शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति पी.डी. नाईक ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के साथ ही गिरफ्तारी से बचने और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत भी दी है। 

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भीमा कोरेगांव हिंसा मामले  में पवार-उद्धव में बढ़ा मतभेद

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने के फैसले से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से नाराज हो गए हैं। इस मामले को लेकर दोनो के बीच मतभेद पैदा हो गया है। शरद पवार ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की खिंचाई की और सवाल किया कि जांच एनआईए को क्यों सौंपी गई।

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कोल्हापुर में पत्रकारों से बातचीत में शरद पवार ने कहा कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने का केंद्र सरकार का निर्णय अनुचित था। राज्य सरकार का निर्णय भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भीमा कोरेगांव मामले में कुछ पुलिस अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं था। मैं चाहता था कि इन अधिकारियों की भूमिका की जांच हो। इसलिए राज्य सरकार को मामले की जांच एनआईए को नहीं सौंपना चाहिए था।

उद्धव से क्यों नाराज हुए पवार

शरद पवार भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने के सख्त खिलाफ थे। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में उन्होंने पार्टी के नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने के लिए मंत्रालय में भेजा था। पटेल ने पवार का संदेश उद्धव को दे दिया था, फिर भी उद्धव ठाकरे ने मामला एनआईए को सौंप दिया।

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