पुलवामा आतंकी हमला: भारत का बड़ा फैसला, पाकिस्तान से छीना मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के एक काफिले पर आतंकी हमले हुआ था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। वहीं कई घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हमले की दुनियाभर में निंदा की जा रही है। आज दिल्ली में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी कमेटी ने इस हमले पर 55 मिनट तक बैठक की। जिसके बाद मीडिया को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को संबोधित किया।
बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सीसीएस की बैठक में भारत की ओर से पाकिस्तान को दिया गया सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (मोस्ट फेवर्ड नेशन) का दर्जा वापस लेने का फैसला किया गया। इस बारे में वाणिज्य मंत्रालय आगे की कार्रवाई करेगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में पुलवामा आतंकवादी हमले के कारण उत्पन्न वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया और इस बारे में गहन विचार विमर्श किया गया। जेटली ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रूप से अलग-थलग करने के लिये कूटनीतिक पहल आरंभ करेगा।
उन्होंने कहा कि साथ ही संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के विषय पर अंतरराष्ट्रीय संधि को अमलीजामा पहनाने के विषय पर पहल करना तय हुआ है। यह विषय आतंकवाद की परिभाषा को लेकर एकराय नहीं बन पाने के कारण अटका हुआ है। विदेश मंत्रालय इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ चर्चा करेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सुरक्षा के संबंध में सुरक्षा बल सभी संभव कदम उठायेंगे। इसमें सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ जिन लोगों ने यह अपराध (सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला) किया है और जिन लोगों ने उसमें सक्रिय समर्थन दिया है ‘उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’ उन्होंने बताया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह थोड़ी देर में श्रीनगर जा रहे हैं, उनके साथ कुछ अधिकारी भी जा रहे हैं।
गृह मंत्री संभवत: शनिवार को लौट आयेंगे। इसके बाद सभी राजनीति दलों के साथ चर्चा करेंगे। जेटली ने बताया कि सीसीएस की बैठक में बृहस्पतिवार को हुए पुलवामा आतंकवादी हमले की घटना का आकलन किया गया। यह विचार किया गया कि क्या क्या कदम उठाना चाहिए? वित्त मंत्री ने कहा कि बैठक में शहीदों के सम्मान में एक श्रद्धांजलि प्रस्ताव पारित किया गया और कुछ पल क मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई।
उन्होंने कहा कि शहीदों का पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, तीनों सेना अध्यक्ष और सीआरपीएफ के डीजी भी शामिल हुए।
क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन
विश्व व्यापार संगठन और अतंरराष्ट्रीय व्यापार नियम के आधार पर व्यापार में किसी देश को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएनएफ) सर्वाधिक तरजीह वाले देश का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन का दर्जा मिल जाने पर दर्जाप्राप्त देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उसके सामान पर अतिरिक्त कर नहीं लगाया जाएगा। आयात और निर्यात वाली वस्तुओं का ध्यान रखा जाएगा।Arun Jaitley: The 'most favoured nation' status which was granted to Pakistan, stands withdrawn https://t.co/OKHXS69Ukq
— ANI (@ANI) February 15, 2019