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Assam: विधानसभा में सार्वजनिक सुरक्षा प्रवर्तन विधेयक-2023 ध्वनि मत से पारित, जानें क्या हैं प्रावधान

Thu, 06 Apr 2023 09:02 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 06 Apr 2023 09:02 PM IST
सार

कांग्रेस विधायक भरत चंद्र नराह ने सदन में कहा कि विधेयक का इरादा तो अच्छा है। लेकिन इससे सार्वजनिक उत्पीड़न भी हो सकता है। नराह ने कहा कि विधेयक में प्रस्तावित जुर्माने की राशि बहुत अधिक है। इसे सही करना चाहिए।

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Public Security Enforcement Bill-2023 passed by voice vote in assam Vidhansabha
हिमंता बिस्वा सरमा - फोटो : social media

विस्तार

असम विधानसभा में सार्वजनिक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक 2023 गुरुवार को ध्वनि मत से पारित हो गया। इस दौरान विपक्ष ने विधेयक के इरादे का तो समर्थन किया लेकिन कुछ मुद्दों पर विरोध भी जताया। विपक्षी नेताओं ने कहा कि निजी बिल्डिंग में सीसीटीवी लगाने के नए कानून से नागरिकों की निजता पर असर पड़ सकता है। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर स्पष्टता की मांग की है।

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कांग्रेस विधायक भरत चंद्र नराह ने सदन में कहा कि विधेयक का इरादा तो अच्छा है। लेकिन इससे सार्वजनिक उत्पीड़न भी हो सकता है। नराह ने कहा कि विधेयक में प्रस्तावित जुर्माने की राशि बहुत अधिक है। इसे सही करना चाहिए। निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने दावा किया कि विधेयक कानून एजेंसी को निजी परिसर में प्रवेश करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और इस तरह के अन्य कामों को करने की शक्ति देता है, जो पुलिस राज की तरह होगा। कानून से निजता पर हमला होगा। 

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सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरुरी

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए प्रदेश के आवास और शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि नए कानून में पुलिस को शक्तियां सौंपी गई हैं। क्योंकि यह कानून और व्यवस्था की स्थिति से निपटती हैं। उन्होंने कहा कि कानून सार्वजनिक सुरक्षा के लिए है। सिंघल ने कहा कि सरकार अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगा रही है। वहीं, कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने सरकार से शहरी क्षेत्रों के बाद ग्रामीण इलाके के सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है।

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यह है विधेयक के प्रावधान

विधेयक में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए दुकान, कंपनी, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी बिल्डिंग, खेल परिसर, आवासीय भवनों और अन्य स्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को जरुरी बताया है। विधेयक में बताया गया है कि मालिकों को दिए गए समय में कैमरे लगाने होंगे, नहीं तो बिल्डिंग सील किया जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है। फुटेज को 30 दिनों तक संभाल कर रखना होगा और आवश्यकता पड़ने पर सरकार को उपलब्ध कराना होगा।

सीएम ने दिया जवाब

कांग्रेस विधायक रेकीबुद्दीन अहमद के सवाल पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 2011 में असम पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर 291 कैमरे लगाए गए थे। पुलिस कंट्रोल रूम ने इन कैमरों की निगरानी की। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड शहर में 94 सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है। हालांकि, इनमें से 20 कैमरे पहले ही लगा लिए गए थे।


भरत चंद्र नराह
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