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दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा नागरिकता संशोधन बिल, राहुल गांधी उठाएंगे मुद्दा

Tue, 10 Dec 2019 02:58 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 10 Dec 2019 02:58 PM IST
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Protest against citizenship amendment bill will be major issues in Upcoming delhi assembly election
Protest against citizenship amendment bill - फोटो : Social Media
नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पारित हो चुका है, वहीं अब इसे बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां से पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा। लेकिन इस बिल को लेकर कांग्रेस के तीखे तेवर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बनेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राहुल गांधी रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को एक बड़ी 'भारत बचाओ रैली' को संबोधित करने जा रहे हैं।
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माना जा रहा है कि वे रैली में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलेंगे। मंगलवार सुबह दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने भी कहा कि यह बिल संविधान की आत्मा के खिलाफ है और यह देश को तोड़ने वाला है। वे इस मुद्दे को जनता के बीच पूरे दमखम के साथ उठाएंगे। कांग्रेस शीघ ही इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन भी कर सकती है। 

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आम आदमी पार्टी पहले ही इस बिल को धार्मिक आधार पर लोगों का बांटने वाला करार दे चुकी है। अरविंद केजरीवाल इसे लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश बता चुके हैं। आम आदमी पार्टी संसद संजय सिंह ने इस बिल का जोरदार विरोध किया है और इसे देश को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने की साजिश बताया है। आप भी जनता के बीच इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने की तैयारी कर चुकी है। 

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वहीं, दिल्ली भाजपा ने इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा अहम कानून बताते हुए इसका स्वागत किया है। दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता राजधानी में बढ़ते अपराध को रोकते हुए इसे जरूरी करार दे चुके हैं। सभी दलों के रुख से स्पष्ट हो गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस बिल को देशहित के लिए बेहद जरूरी बताया है और इस बिल को लाने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को बधाई दी है।

दिल्ली की मुस्लिम आबादी पर दांव 

दिल्ली में मुस्लिम आबादी विधानसभा की कई सीटों पर निर्णायक और कई सीटों पर असरकारी भूमिका निभाती है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक मुस्लिम समुदाय कांग्रेस का परंपरागत वोटर रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन में जो बड़ा सुधार हुआ है, उसका एक बड़ा कारण मुस्लिम वोटरों का पार्टी के साथ वापस आना रहा है। मुस्लिम समुदाय हो या दलित-पिछड़ा समुदाय, उनकी आवाज उठाने में कांग्रेस हमेशा मुखर रही है। यही कारण है कि पार्टी इस मुद्दे पर भी जोरदार ढंग से विरोध दर्ज कराएगी। चूंकि बिल में नागरिकता देने के मुद्दे पर मुस्लिम समाज को छोड़ दिया गया है, उनमें अपने साथ भेदभाव होने का संदेश गया है। 

किधर मुड़ेगा मुस्लिम समुदाय

वर्ष 2013 के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी भी मुस्लिम वोटरों की बड़ी  दावेदार बनकर उभरी है। लोकसभा चुनाव में इस वर्ग के कांग्रेस के साथ जुड़ने के बाद भी आप को उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव में यह वर्ग उसके साथ जुड़ेगा। आप के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लोकसभा चुनाव में मतदाता के सामने देश की राजनीति थी, जहां भाजपा के सामने कांग्रेस उसे राष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतर विकल्प दिख रहा था, इसीलिए जनता ने लोकसभा चुनाव में उन्हें प्राथमिकता दे दी।



लेकिन जब दिल्ली की बात होगी, तो आम मतदाता को भाजपा के सामने अरविंद केजरीवाल ही विकल्प दिखाई पड़ेंगे। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ-साथ पूरी दिल्ली एक बार फिर आप को ही चुनेगी। 

 

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