फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Proposed Special Public Security Act needed as Maoist-linked groups active in urban areas: Fadnavis

फडणवीस बोले: माओवादी संगठनों से जुड़े समूह शहरी क्षेत्रों में सक्रिय, प्रस्तावित सार्वजनिक सुरक्षा कानून जरूरी

Thu, 10 Apr 2025 01:23 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 10 Apr 2025 01:23 AM IST
सार

फडणवीस बोले: माओवादी संगठनों से जुड़े समूह शहरी क्षेत्रों में सक्रिय, प्रस्तावित सार्वजनिक सुरक्षा कानून जरूरी

विज्ञापन
Proposed Special Public Security Act needed as Maoist-linked groups active in urban areas: Fadnavis
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवी ने बुधवार को कहा कि विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम लाना जरूरी है, क्योंकि अब भी कई प्रतिबंधित माओवादी संगठन राज्य में अपनी गतिविधियां चला रहे हैं और उनसे जुड़े समूह शहरी क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल नहीं देगा, बल्कि यह केवल उन संगठनों पर केंद्रित होगा, जो देश विरोधी गतविधियों में शामिल हैं। 

विज्ञापन


पत्रकारों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने मसौदा विधेयक को लेकर उठ रही चिंताओं पर जवाब दिया, जिसे राज्य विधानसभा के 30 जून से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह कानून पत्रकारों या आम जनता के लिए कोई मुश्किल पैदा नहीं करेगा और न ही उनकी अभिव्यक्ति की आजादी को सीमित करेगा। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'इंडिया आज पहले से ज्यादा भारत बन चुका, पुनर्जीवित हो रहीं परंपराएं', एस जयशंकर का बयान
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, प्रस्तावित विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह यह उन संगठनों पर केंद्रित होगा, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार,प्रस्तावित महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को लेकर पत्रकार संगठनों ने चिंता जताई है। इन चिंताओं को दूर करने और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए इस कानून के महत्व को स्पष्ट करने के लिए विस्तार से चर्चा करने के लिए बैठक की गई। 

फडणवीस ने कहा कि चार अन्य राज्यों और केंद्र सरकार ने पहले ही सार्वजनिक सुरक्षा कानून लागू कर दिए हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून उन चार राज्यों द्वारा बनाए गए कानूनों की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करेगा। देश के कई हिस्सों में इनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कई प्रतिबंधित माओवादी संगठनों ने अपने मुख्यालय महाराष्ट्र में स्थानांतरित कर दिए हैं और उनसे जुड़े समूह अब शहरी क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। 


ये भी पढ़ें: तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण: अमित शाह बोले- ये मोदी सरकार की बड़ी सफलता, कांग्रेस पर भी साधा निशाना

उन्होंने आगे कहा,  इस प्रस्तावित कानून को लागू न करने से भविष्य में महाराष्ट्र के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। यह विधेयक पिछले साल दिसंबर में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के बारे में जन जागरूकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस विधेयक की समीक्षा एक संयुक्त समिति द्वारा की गई और एक सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई।

फडणवीस ने आश्वासन दिया कि अगर पत्रकार संगठनों की ओर से इस प्रस्तावित कानून में कोई संशोधन के लिए सुझाव दिए जाते हैं, तो उन्हें शामिल करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कानून के प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। राज्य के गृह मंत्री फडणवीस ने कहा, अगर कोई संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का काम करता है या माओवादी समूहों की विचारधारा का प्रचार करता है, तो ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई केवल एक सलाहकार समिति के सामने सुनवाई के बाद की जा सकती है। इस समिति में तीन जज होंगे। इससे कानून का दुरुपयोग रोका जा सकेगा। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed