{"_id":"62628f78f2c7fb38d871e6c0","slug":"propagandist-newspaper-distributed-on-bengaluru-chennai-shatabdi-express-railway-initiates-enquiry-after-complaint-by-passenger-on-twitter-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"नया विवाद: शताब्दी एक्सप्रेस में वितरित किया गया 'प्रोपेगंडावादी' अखबार, यात्री ने की शिकायत तो शुरू हुई जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नया विवाद: शताब्दी एक्सप्रेस में वितरित किया गया 'प्रोपेगंडावादी' अखबार, यात्री ने की शिकायत तो शुरू हुई जांच
Fri, 22 Apr 2022 04:50 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 22 Apr 2022 04:50 PM IST
विज्ञापन
भारतीय रेलवे
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
बेंगलुरु-चेन्नई शताब्दी एक्स्पेस में वितरित किए गए एक 'प्रोपेगंडावादी' अखबार ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आई हैं और आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) को मामले की जांच शुरू करनी पड़ी है। आईआरसीटीसी ने स्वीकार किया है कि यह अखबार अनाधिकृत था।
यह मामला एक यात्री गोपिका बक्शी ने ट्विटर पर उठाया था। बक्शी एक लैंगिक न्याय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक ट्वीट में लिखा, 'आज सुबह मैं जब बेंगलुरु-चेन्नई शताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ी तो मेरा स्वागत हर दूसरी सीट पर रखे एक स्पष्ट रूप से प्रोपेगंडावादी अखबार ने किया। क्या किसी ने इसके बारे में सुना भी है? आईआरसीटीसी कैसे इसकी अनुमति दे रहा है? '
कांग्रेस सांसदों ने रेलवे की नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद बी मनिकम टैगोर ने सवाल उठाया है कि इस तरह का अखबार एक ट्रेन में कैसे पहुंचा। टैगोर ने एक ट्वीट में कहा, 'क्या माननीय रेल मंत्री इस मामले में जांच का आदेश देंगे? या फिर शताब्दी एक्सप्रेस में प्रोपेगंडा वादी सामग्री को अनुमति देने की यह रेल मंत्रालय की सिद्ध नीति है? मैं यह मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा।'
विज्ञापन
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस पर सवाल खड़े किए। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आईआरसीटीसी ने इस क्षेत्र में ट्रेन में वितरण के लिए डेक्कन हेराल्ड और एक स्थानीय अखबार को प्रकाशकों के तौर पर अनुमति दी है। ये अखबार आईआरसीटीसी लाइसेंसधारकों द्वारा वितरित किए जाते हैं।
डीआरएम बेंगलुरू को मिली जांच की जिम्मेदारी
आईआरसीटीसी के प्रवक्ता आनंद झा ने कहा कि हमने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अखबार आईआरसीटीसी से अनुमति प्राप्त प्रकाशनों में से नहीं है। वहीं, चेन्नई के डिविजनल रेलवे मैनेजर ने बताया कि इस मामले की जांच डीआरएम बेंगलुरु की ओर से की जा रही है।
एक ट्वीट में आईआरसीटीसी ने बताया कि जिस अखबार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं वह एक अनुमति प्राप्त अखबार के अंदर रखा गया था। इसने कहा कि हमने अखबार वितरकों को सख्त निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी घटना न होने पाए। वहीं, बक्शी ने कहा है कि यह किसी अन्य अखबार के अंदर नहीं बल्कि मेरी सीट पर था।
विज्ञापन
यह मामला एक यात्री गोपिका बक्शी ने ट्विटर पर उठाया था। बक्शी एक लैंगिक न्याय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक ट्वीट में लिखा, 'आज सुबह मैं जब बेंगलुरु-चेन्नई शताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ी तो मेरा स्वागत हर दूसरी सीट पर रखे एक स्पष्ट रूप से प्रोपेगंडावादी अखबार ने किया। क्या किसी ने इसके बारे में सुना भी है? आईआरसीटीसी कैसे इसकी अनुमति दे रहा है? '
विज्ञापन
कांग्रेस सांसदों ने रेलवे की नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद बी मनिकम टैगोर ने सवाल उठाया है कि इस तरह का अखबार एक ट्रेन में कैसे पहुंचा। टैगोर ने एक ट्वीट में कहा, 'क्या माननीय रेल मंत्री इस मामले में जांच का आदेश देंगे? या फिर शताब्दी एक्सप्रेस में प्रोपेगंडा वादी सामग्री को अनुमति देने की यह रेल मंत्रालय की सिद्ध नीति है? मैं यह मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा।'
विज्ञापन
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस पर सवाल खड़े किए। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आईआरसीटीसी ने इस क्षेत्र में ट्रेन में वितरण के लिए डेक्कन हेराल्ड और एक स्थानीय अखबार को प्रकाशकों के तौर पर अनुमति दी है। ये अखबार आईआरसीटीसी लाइसेंसधारकों द्वारा वितरित किए जाते हैं।
डीआरएम बेंगलुरू को मिली जांच की जिम्मेदारी
आईआरसीटीसी के प्रवक्ता आनंद झा ने कहा कि हमने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अखबार आईआरसीटीसी से अनुमति प्राप्त प्रकाशनों में से नहीं है। वहीं, चेन्नई के डिविजनल रेलवे मैनेजर ने बताया कि इस मामले की जांच डीआरएम बेंगलुरु की ओर से की जा रही है।
एक ट्वीट में आईआरसीटीसी ने बताया कि जिस अखबार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं वह एक अनुमति प्राप्त अखबार के अंदर रखा गया था। इसने कहा कि हमने अखबार वितरकों को सख्त निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी घटना न होने पाए। वहीं, बक्शी ने कहा है कि यह किसी अन्य अखबार के अंदर नहीं बल्कि मेरी सीट पर था।