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त्रिपुरा में बही विकास की गंगा, राज्य के लिए 8 हजार करोड़ की परियोजनाएं

Sat, 21 Apr 2018 06:16 AM IST
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Apr 2018 06:16 AM IST
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Projects of 8 thousand crore in Tripura
बिप्लब देब
पच्चीस साल के वामपंथी शासन के बाद त्रिपुरा में पहली बार बनी भाजपा सरकार ने गठन के एक महीने के अंदर ही विकास की भागीरथी बहाने में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा, सड़क, नौकरी से लेकर पर्यटन तक कई मोर्चों पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इन सभी परियोजनाओं पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा, जो केंद्र वहन करेगा।
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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि जब वे जीत के बाद पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने गए तो बधाई के साथ उन्हें बीएसएफ  की दो नई बटालियन बनाने का अनुमति पत्र भी मिला। यानी 2100 स्थानीय लोगों को नौकरी। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से त्रिपुरा में न तो विकास हो रहा था और न ही लोगों को नौकरी मिल रही थी।
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राज्य में चौतरफा विकास

आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन बीपीओ लगाने के आदेश दे दिए हैं। टीसीएस से बात हो रही है। राज्य में दो प्लास्टिक पार्क केमिकल और पेट्रोलियम कॉम्पलेक्स बनाने की अनुमति मिल गई है। छह नेशनल हाइवे को मंजूरी मिल गई है। एक माह में  सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 96 फीसदी डिजिटलीकरण कर दिया है। त्रिपुरा को दुबई की तरह एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र बनाने की योजना पर काम हो रहा है।
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आईआईटी और आईएएस में सेलेक्ट नहीं हो पाते थे बच्चे

Projects of 8 thousand crore in Tripura
tripura CM biplab deb
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के बच्चे न तो आईआईटी में चुने जाते थे न ही सिविल सर्विस में। इसकी वजह राज्य में वामपंथी विचारधारा के अनुसार सिलेबस बनाया जाना रहा। सरकार बनते ही भाजपा ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कर दी हैं।

सातवें वेतन आयोग के लाभ देने पर हो रहा काम

राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश के डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए कमेटी बना दी। यह कमेटी 45 दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। अब तक राज्य में चौथे वित्त आयोग के मुताबिक ही वेतन दिया जा रहा था। 

इंटरनेट वाले बयान पर कायम

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने अपनी अप्रत्याशित जीत से जितनी सुर्खियां बटोरी थीं, उतनी ही सुर्खियां उनके इस बयान को मिलीं कि ‘महाभारत के दौरान संजय धृतराष्ट्र को युद्ध का सारा हाल इंटरनेट के जरिये बताते थे’। इस बयान के बाद वे इंटरनेट पर ट्रोल का शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि हमारे धर्मग्रंथों में पुष्पक विमान, अंतरिक्ष और मिसाइलों का जिक्र है, जिनकी खोज पश्चिमी देशों ने बाद में की। 
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