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आकाश मिसाइल की गुणवत्ता पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा नो कमेंट

Sat, 29 Jul 2017 09:22 PM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 29 Jul 2017 09:22 PM IST
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Project director said no comment on quality of the air missile
Air Missile

आकाश वायु प्रतिरक्षा मिसाइल प्रणाली की गुणवत्ता पर सीएजी ने सवाल उठाए हैं। सीएजी ने गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 20 मिसाइलों का परीक्षण किया गया और इनमें से छह फेल हो गई। सामरिक महत्व की आकाश मिसाइल प्रणाली की 30 प्रतिशत की असफलता दर काफी चौंकाने वाली है, लेकिन प्रणाली के परियोजना निदेशक जी चंद्रमौलि ने किसी भी तरह की कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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अमर उजाला ने जब इस संदर्भ में चंद्रमौलि से जानना चाहा तो उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आकाश मिसाइल प्रणाली के परियोजना निदेशक ने इस बारे में केवल इतना कहा कि यह रक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला है और वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। वहीं डीआरडीओं ने भी इसको लेकर कुछ कहने से इनकार किया है। हालांकि आकाश मिसाइल परियोजना से जुड़े एक अन्य सूत्र का कहना है कि गुणवत्ता को लेकर कुछ इशू हैं और इनका जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि अभी हाल के एक परीक्षण के दौरान भी मिसाइल प्रणाली के प्रोपल्ड सिस्टम में खामी आई थी। ऐसी दशा में मिसाइल अपने लांचर से आगे नहीं बढ़ पाई थी।
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चीन और पाकिस्तान की सीमा पर है तैनाती की योजना
आकाश मिसाइल प्रणाली देश की सेना और वायुसेना के लिए काफी अहम है। यह दुश्मन के हवाई हमलों को 18-30 किमी दूर स्वत: पहचान करके उसे ध्वस्त कर देने में सक्षम है। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों का कहना है कि कदाचित आकाश मिसाइल प्रणाली के रेडार दुश्मन के हमले को पहचान ले और मिसाइल प्रणाली पहले हमले में उसे न ध्वस्त कर पाए तो पलक झपकते ही मिसाइल प्रणाली का दूसरा हमला उसे हवा में ही ध्वस्त कर देगा।
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भारत की योजना सामरिक दृष्टि से बेहद अहम इन मिसाइलों को चीन और पाकिस्तान की सीमा पर भी तैनात करने की है। इतना ही नहीं आकाश के सुरक्षा कवच को सामरिक दृष्टि से तथा महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी तैनात करने की है। यहां तक कि हिंडन एयरफोर्स स्टेशन समेत कुछ अन्य स्थानों पर तैनात करके राजधानी दिल्ली को सुरक्षा कवर देना भी शामिल है।

बड़ी खूबिया हैं आकाश प्रणाली में

Project director said no comment on quality of the air missile
आकाश मिसाइल - फोटो : Sputnik International

आकाश मिसाइल प्रणाली की एक बैटरी दुश्मन के 64 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक कर सकती है और उनमें से 12 हमलों को  पूरी तत्परता से मारकर ध्वस्त कर सकती है। यह मिसाइल प्रणाली राजेन्द्र 3डी इलेक्ट्रानिक स्कैन सारिणी (एरै)रेडार के जरिए दुश्मन के हमलों की तलाश करने तथा उसे स्वत: ध्वस्त करने में सक्षम है।

यह मिसाइल सैन्य बलों के चलते फिरते वाहन की सुरक्षा करने में सक्षम है। इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है और करीब 2000 वर्ग प्रणाली के माध्यम से करीब 2000 वर्ग किमी के क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सकता है। मिसाइल प्रणाली दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल, लड़ाकू विमान, घातक फ्लाइंग आब्जेक्ट, हेलीकाप्टर समेत अन्य को ध्वस्त करने में सक्षम है।

प्रेसराइज्ड गैस कंटेनर भी दूर की कौड़ी
पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली के प्रेसराइज्ड गैस कंटेनर को विकसित कर लिए जाने की जानकारी दी थी। बतौर रक्षा मंत्री प्रेसराइज्ड गैस कंटेनर से आकाश मिसाइल का रख-रखाव न केवल बेहतर हो जाएगा बल्कि इसे काफी अधिक समय तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। लेकिन आकाश मिसाइल प्रणाली को उपयोग करने वाली सेना तथा वायुसेना के पास इस तरह के किसी गैस कंटेनर की कोई जानकारी नहीं है। सैन्य सूत्रों के अनुसार आकाश मिसाइल की अभी भी पहले की ही तरह ही सैन्य बलों को मिल रही है।

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