Project Bloom: पूर्वोत्तर में विकास की धुरी बना प्रोजेक्ट ब्लूम, 7 साल में स्टार्टअप 10 से बढ़कर हुए 1,163
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विस्तार
पूर्वोत्तर राज्यों की महिलाओं के साथ मिलकर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस की छात्राओं ने पढ़ाई के साथ उद्योग शुरू करने की पहल की है। इस पहल का नाम प्रोजेक्ट ब्लूम रखा गया है। मिरांडा हाउस की विद्यालक्ष्मी और करिश्मा के नेतृत्व में प्रोजेक्ट ब्लूम की शुरुआत की गई है। दस सदस्यों वाला यह समूह बांस के मैट से फाइल, टेबल मैट्स और टी-कोस्टर बनाता है।
प्रोजेक्ट ब्लूम छह महीने पहले शुरू किया गया था। इसमें महिलाओं को बांस से विभिन्न उत्पाद तैयार करने की ट्रेनिंग दी गई है। अब यह उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कई उत्पाद और तैयार करने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत बनाए जा रहे उत्पादों को कॉलेज फेस्ट और कई मंचों पर प्रमोट किया जा रहा है। इस परियोजना से महिलाओं को भी आमदनी होने लगी है।
इसी सिलसिले में मंगलवार को मिरांडा हाउस के नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल शिलांग और हर वर्ल्ड इंडिया ने छात्राओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के मकसद से गोष्ठी का आयोजन किया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर आयोजित गोष्ठी में डीपी-आईआईटी की निदेशक डॉ काजल, सूक्ष्म, मध्यम एवं उद्योग मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी ईपाओ, डीएसटी की वैज्ञानिक डॉ. प्रतिष्ठा पांडे और अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के सीईओ कविंदर कुमार ने अपने विचार रखें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीपी-आईआईटी की निदेशक डॉ. काजल ने कहा कि साल 2016 में सिर्फ 10 स्टार्ट-अप थे, जो अब बढ़कर 1,163 हो गए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में उद्यमिता की संस्कृति में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आज पूर्वोत्तर भारत के नक्शे पर छा रहा हैं। छोटी बड़ी कई कंपनियां तेजी से यहां निवेश कर रही हैं। स्टार्टअप के कारण युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में सूक्ष्म, मध्यम एवं उद्योग मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी ईपाओ ने कहा कि आज भारत सरकार पूर्वोत्तर के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। आज पूर्वोत्तर के बास, मसाले, रबर और चाय ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। राज्य में हैंडलूम और मत्स्य पालन पर तेजी से काम हो रहा है।
डीएसटी की वैज्ञानिक डॉ. प्रतिष्ठा पांडे ने कार्यक्रम में कहा कि पूर्वोत्तर राज्य के कई महत्वपूर्ण संस्थान साइंस और टेक्नोलॉजी में अहम योगदान दे रहे हैं। सरकार इन कॉलेजों को अच्छा फंड भी दे रही, ताकि नई तकनीक विकसित हो रही है। प्रदेश के युवाओं का रुझान बढ़ाने के लिए कई नई शोध संस्थान भी स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार के कई अहम प्रोजेक्ट भी यहां के प्रतिष्ठित संस्थानों में चल रहे हैं, जिससे पूर्वोत्तर को गति मिल रही है।
कार्यक्रम के अंत में मिरांडा हाउस की प्रधानाचार्य प्रोफेसर बिजया लक्ष्मी नंदा ने कहा कि महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में छात्रों को रूबरू कराने और उनके मन में उठे सवालों का जवाब देने के मकसद से इस गोष्ठी का आयोजन किया गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट ब्लूम की शुरुआत की गई है, जिसमें छात्र रुचि ले रही है। उम्मीद है कि इस तरह के और भी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी।