Priyanka Gandhi: भारत जोड़ो न्याय यात्रा में पहली बार शामिल होंगी प्रियंका गांधी, क्या है इसके सियासी मायने?
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विस्तार
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में पहली बार शामिल होने जा रही हैं। वे 16 फरवरी को यूपी के चंदौली में राहुल गांधी के साथ यात्रा में दिखाई पड़ेंगी। रायबरेली से सोनिया गांधी के लोकसभा चुनाव में न उतरने की घोषणा के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि प्रियंका गांधी यहां से चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। इसलिए भी उनकी यूपी में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने को विशेष नजर से देखा जा रहा है। यह कांग्रेस की पूर्वांचल के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश के तौर पर उठाया गया कदम हो सकता है।
प्रियंका गांधी केवल चंदौली में ही राहुल गांधी के साथ नहीं होंगी, बल्कि जब तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा यूपी में रहेगी, वे बीच-बीच में उसमें शामिल होती रहेंगी। वे अमेठी और रायबरेली में भी यात्रा में साथ होंगी। यही कारण है कि अब प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनावी मैदान में उतरने की चर्चाओं को बल मिलने लगा है।
दरअसल, यूपी कांग्रेस की प्रभारी रहने के दौरान प्रियंका गांधी ने पूर्वांचल के इलाके में पार्टी को मजबूत करने के लिए सबसे ज्यादा काम किया था। उनकी इन्हीं कोशिशों का परिणाम माना जाता है कि कांग्रेस जहां कहीं भी धरना-रैली-प्रदर्शन का आयोजन करती है, उसमें सबसे ज्यादा भागीदारी पूर्वांचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ही होती है। यही कारण है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पश्चिम की बजाय पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित
यूपी कांग्रेस उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अमर उजाला को बताया कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा के उत्तर प्रदेश में आने से कांग्रेस का कार्यकर्ता उत्साहित है। प्रियंका गांधी ने कांग्रेस को मजबूत करने के दौरान जो काम किया था और इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से जो उनके जो पारिवारिक संबंध बने थे, उसका असर साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस चुनाव में पूरी जी-जान से मैदान में उतरेगा और पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी स्थिति को बेहतर करने में कामयाब होगी।