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Hindi News ›   India News ›   Priyanka gandhi rally in Gorakhpur: Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel strategy to help OBC voters

योगी के गढ़ गोरखपुर में प्रियंका की प्रतिज्ञा रैली: छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल के बलबूते ओबीसी वोटर्स को साधने की रणनीति  

Sat, 30 Oct 2021 07:26 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 30 Oct 2021 07:26 PM IST
सार

एक तरफ जहां कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी पूरे राज्य का दौरा कर पार्टी को मजबूत करने में जुटी हैं वहीं राज्य के वरिष्ठ पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी प्रियंका के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे हैं।

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Priyanka gandhi rally in Gorakhpur: Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel strategy to help OBC voters
प्रियंका गांधी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी जमीन तलाशने के लिए कांग्रेस पुरजोर कोशिश में लगी हुई हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी पूरे राज्य का दौरा कर पार्टी को मजबूत करने में जुटी हैं वहीं राज्य के वरिष्ठ पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी प्रियंका के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रियंका सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में हुंकार भरने जा रही हैं। रविवार को होने वाली प्रतिज्ञा रैली को सफल बनाने की जिम्मेदारी बघेल को सौंपी गई हैं। बघेल और उनकी टीम रैली की तैयारियों में जुट गई है। एक तरफ जहां रैली में प्रियंका कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश करेंगी तो दूसरी ओर आठ घोषणाओं को पूरा करने का वादा भी करेंगी।

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बघेल के पास यूपी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक राशिद किदवई बताते हैं कि पार्टी ने सीएम बघेल के मैनेजमेंट और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें यूपी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है। चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक का ही काम होता है कि वे वरिष्ठ नेताओं की सभाओं का मैनेजमेंट देखे और आसपास के जिलों से लोगों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटा सके। इन कामों के लिए पार्टी को अनुभवी व्यक्ति के साथ संसाधनों की जरूरत होती है। माना जाता है कि बघेल को इन कामों का अच्छा अनुभव है और इसमें  महारत हासिल है। जो व्यक्ति असम जैसे छोटे राज्यों में 100 से ज्यादा सफल सभाएं कर सकता है। उसके लिए यूपी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए सफल सभाएं करवाना कोई बड़ी चुनौती नहीं है।
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पूर्वी यूपी में बड़ी संख्या में कुर्मी वोटर्स
किदवई बताते हैं कि, सीएम बघेल ओबीसी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जिसके वोटर पूर्वी यूपी में बड़ी संख्या में हैं। बघेल को पर्यवेक्षक बनाना कुर्मी मतदाताओं को आकर्षित करने की कांग्रेस की रणनीति हो सकती है। जब कांग्रेस का यूपी में राज हुआ करता था तब दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ी जातियों के वोटर्स पार्टी की ताकत हुआ करते थे। आज ये वोटर्स भाजपा, सपा और बसपा में बंट गया है। ओबीसी वोटर्स को फिर से अपने पाले में लाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि कहीं न कहीं राज्य में ये मतदाता भाजपा के साथ खड़े नजर आ रहे है। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी इन्हें अपने पाले में लाने की कोशिशों में लगी हुई है। ऐसे में कांग्रेस भूपेश बघेल के चेहरे को सामने रखकर इस वर्ग के मतदाताओं को रिझाने का काम कर रही है। कांग्रेस देश में ऐसा संदेश भी देना चाह रही है कि उनके दल में अगर कोई पिछड़ों का बड़ा नेता है तो वो केवल भूपेश बघेल है।  


यूपी में कांग्रेस के पास खोने को कुछ नहीं
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की गोरखपुर रैली को लेकर किदवई कहते हैं कि यूपी में कांग्रेस के पास खोने को कुछ नहीं है। इसलिए पार्टी दबंगई से चुनावी मैदान में उतर रही है। इसके पीछे रणनीति यह है कि यूपी के राजनीतिक मानचित्र में कांग्रेस को थोड़ी जगह मिल सके। आज राज्य में पार्टी सबसे अंतिम पायदान पर है इसलिए वे रैलियों और लोकलुभावन वादों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है ताकि वो चुनाव तक लोगों के मन में अपनी छवि बना सके और दूसरे या तीसरे नंबर तक पहुंच सके।

वाराणसी की रैली के बाद उत्साह में है कांग्रेस
वाराणसी की रैली और वहां उमड़ी भारी भीड़ से प्रियंका गांधी उत्साहित हैं। रैली के बाद ही उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए वादों की झड़ी लगा दी है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि गोरखपुर में प्रियंका गांधी की रैली ऐतिहासिक होगी। आसपास के लोगों में रैली को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। जनता बदलाव को तैयार है। लखीमपुर खीरी कांड के बाद से कांग्रेस ने किसानों को भी अपने पाले में करने की जोरदार तैयारी कर रखी है। प्रियंका गांधी की इस रैली में बड़ी संख्या में किसानों को भी लाने की तैयारी की जा रही है। आसपास के जिलों से किसानों को लाया जाएगा। देवरिया से ही पांच हजार किसान आएंगे। प्रतिज्ञा रैली से जुड़ने के लिए कांग्रेस ने एक नंबर भी जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी के गृह जनपद में जनता से सीधा संवाद कांग्रेस की ताकत को दिखाने और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने जैसा होगा।

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