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India-China border: चीन से जारी सीमा विवाद पर प्रियंका गांधी हुईं हमलावर; केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Tue, 09 Jul 2024 04:35 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 09 Jul 2024 04:35 PM IST
सार
भारत चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी, लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले, प्रचार के दौरान और नतीजे आने के बाद भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने चीन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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Priyanka Gandhi
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने भारत चीन सीमा को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। सोमवार को प्रियंका ने अपने एक ट्वीट में दावा किया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में अपने गांव बसा लिए, बंकर भी बना रहा है। चीन ने भारत की लगभग 4000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया है। इतना ही नहीं, अरुणाचल प्रदेश की 30 जगहों के नाम बदलकर सूची जारी कर दी। चीन सीमा पर हमारे 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 हम खो चुके हैं। ये सारी बातें मीडिया कह रहा है। ये सूचनाएं सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं। प्रियंका ने सवाल करते हुए लिखा, मोदी सरकार किस दबाव में भारत की सीमा सुरक्षा और अखंडता को लेकर इतने समझौते कर रही है।
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भारत चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी, लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले, प्रचार के दौरान और नतीजे आने के बाद भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने चीन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिछले दिनों, कांग्रेस पार्टी के नेता जयराम रमेश ने भी भारत चीन सीमा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया था। जयराम ने 'एक्स' पर लिखा था कि आज ही के दिन '19 जून' चार साल पहले, नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने भारत की भूमि में चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर खुलेआम क्लीन चिट देकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ बेहद गंभीर समझौता किया था।
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लोकसभा चुनाव से पहले भी चीन मुद्दे पर घेरा था
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले भी चीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा था। इससे पहले सितंबर 2023 में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। सोनिया ने अपने पत्र में जिन 'नौ' मुद्दों का जिक्र किया था, उनमें चीन द्वारा लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में की जा रही घुसपैठ भी शामिल थी। राहुल गांधी भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल 'एलएसी' को लेकर कई बार केंद्र सरकार को घेर चुके हैं। केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर 2023 तक पांच दिवसीय विशेष संसद सत्र बुलाया था। सोनिया गांधी ने संसद के विशेष सत्र में लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ पर चर्चा कराने का आग्रह किया था।
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चीन मामले पर पहले भी हमलावर रही है कांग्रेस
सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अनेक नेताओं ने चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाया है। गत वर्ष जब अरुणाचल प्रदेश में चीनी नामों की सूची जारी हुई, तो कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार को जमकर घेरा था। उस वक्त भी कांग्रेस पार्टी, 'ड्रैगन को क्लीन चिट' पंच लाइन से लोगों के गई थी।
26 पेट्रोलिंग प्वाइंट पर अपनी पहुंच खो दी
कांग्रेस नेता, मनीष तिवारी ने संसद में बताया था, दिसंबर, 2022 में जब डीजीपी और आईजीपी की कॉन्फ्रेंस हुई तो वहां एसएसपी लद्दाख की तरफ से 'Security issues pertaining to unfenced border' प्रस्तुत किया जाता है। उसमें लिखा था कि भारत ने 65 पेट्रोलिंग प्वाइंट्स में से 26 प्वाइंट पर अपनी पहुंच खो दी है। इस रिपोर्ट के बाद गत वर्ष कांग्रेस एवं दूसरे विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की थी कि इस विषय पर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई जाए।
एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया है
केंद्र सरकार ने उस वक्त कांग्रेस पार्टी के आरोपों को सिरे से नकार दिया था। लद्दाख के उपराज्यपाल बीडी मिश्रा ने कहा था, चीन ने भारत की एक इंच भी जमीन पर कब्जा नहीं किया है। हमारे सशस्त्र बल किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। मिश्रा ने यह बात कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों के जवाब में कही थी, जिनमें लद्दाख की भूमि के एक भूमि के एक बड़े हिस्से पर चीन का कब्जा होने की बात कही गई थी। मिश्रा ने कहा था, मैं किसी के बयान पर टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन मैं वही कहूंगा जो सही तथ्य हैं। मैंने जमीनी तौर पर खुद देखा है कि चीन ने एक इंच भी जमीन पर कब्जा नहीं किया है। 1962 में जो कुछ भी हुआ, वह सबके सामने है। आज हम अपनी जमीन के आखिरी इंच तक पर काबिज हैं। हमारे सशस्त्र बल किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। अगर पानी सिर से ऊपर चला गया तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।