#MeToo:प्रिया रमानी ने ट्वीट कर दिया बयान, लिखा सुना है सच की जीत होती है, लड़ूंगी केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय राज्यमंत्री एमजे अकबर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर दिया है। अकबर के केस दर्ज किए जाने के बाद प्रिया रमानी ने एक बड़ा सा पोस्ट लिखकर कहा कि मैं अपने खिलाफ मानहानि के आरोपों पर लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं, सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव है।
अपने ट्विटर एकाउंट पर बयान जारी करते हुए प्रिया ने कहा है कि मैं इस बात से निराश हूं कि राज्यमंत्री अपने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताकर बचने की नाकामयाब कोशिश की है। जबकि उनपर एक दो नहीं बल्कि कई महिलाओं ने उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
बता दें कि एमजे अकबर कई दिनों से विदेश यात्रा पर थे। वह रविवार को ही भारत लौटे हैं और कल ही वह मंत्रालय गए और उन्होंने प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया वहीं दूसरी महिलाओं को इसी तरह की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भर दी है।
रमानी ने एकबार फिर से कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अकबर द्वारा हाल में जारी बयान ने पीड़ितों की पीड़ा और डर का जरा भी ध्यान नहीं रखा या उन्होंने सच बोलने की ताकत नहीं दिखाई।'
पिछले कुछ दिनों में एमजे अकबर पर करीब एक दर्जन महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसके बाद कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अकबर बार-बार सफाई दे रहे हैं कि उनके खिलाफ आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही थी।
ट्विटर पर अपना बयान जारी कर रमानी ने लिखा कि, 'पिछले दो सप्ताह में पत्रकार समेत अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं ने कामकाज के दौरान कई संपादकों और लेखकों और फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों को यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इससे पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में महिलाओं का धीरे-धीरे ही सही पर सशक्तिकरण हो रहा है। वह लिखती हैं कि #Metoo मूवमेंट ने महिलाओं को एक आवाज दी है।'
उन्होंने अपने बयान में लिखा है, अकबर जब महिलाओं के साथ अशलील हरकतें कर रहे थे तब वह महिलाएं उनके अधीन काम कर रही थीं, जब जब महिलाओं ने आवाज उठाने की कोशिश की तब-तब उनके साथ कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें चुप होना पड़ा। जिसने भी अकबर के खिलाफ बोलने की हिम्मत की उसने अपने निजी और प्रफेशनल जिंदगी को खतरे में डाला है।
अकबर अंग्रेजी मीडिया के जाने माने नाम रहे हैं। अब यह पूछा जा रहा है कि इस बारे में शिकायत अभी क्यों की जा रही है, तो मैं यह कहना चाहती हूं कि हम सभी जानते हैं कि पीड़ितों के सेक्सुअल आरोपों के बाद की शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है वही स्थिति आज भी बनाई जा रही है। इन महिलाओं के आरोपों पर सवाल उठाने की जगह हमें कामकाज के लिए आने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान देना चाहिए और यह कोशिश करनी चाहिए कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम कैसे एक सुरक्षित स्थान दें।
My statement pic.twitter.com/1W7M2lDqPN
— Priya Ramani (@priyaramani) October 15, 2018