{"_id":"68370b6d54ecd3eca1051390","slug":"private-sector-should-come-forward-to-make-india-hunger-free-amitabh-kant-made-an-important-appeal-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"CSR: 'भारत को भुखमरी और कुपोषण से मुक्त करने के लिए आगे आएं', अमिताभ कांत ने निजी क्षेत्रों से मांगा सहयोग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CSR: 'भारत को भुखमरी और कुपोषण से मुक्त करने के लिए आगे आएं', अमिताभ कांत ने निजी क्षेत्रों से मांगा सहयोग
Wed, 28 May 2025 06:41 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 28 May 2025 06:41 PM IST
सार
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने भारत को भूखमरी और कुपोषण से मुक्त करने के लिए निजी क्षेत्रों का विशेष सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 11.9 करोड़ लोग कुपोषित हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों पर सबसे अधिक बोझ है।
विज्ञापन
अमिताभ कांत
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने 'भूखमरी मुक्त' भारत बनाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार अकेले इस चुनौती से नहीं निपट सकती। यह टिप्पणी उन्होंने बुधवार को मालाबार समूह की विस्तारित कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहलों के शुभारंभ में की। इस मौके पर अमिताभ कांत ने आभूषण कंपनी की 'द हंगर फ्री वर्ल्ड' परियोजना की प्रशंसा की। बता दें कि, इस परियोजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 में 70,000 वंचित लोगों को प्रतिदिन भोजन कराना है।
यह भी पढ़ें - CRPF: सील व हस्ताक्षर वाली क्लासीफाइड जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाता था ASI, हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना जरूरी- अमिताभ कांत
अमिताभ कांत ने आगे कहा कि अगर मालाबार समूह जैसे और समूह हों, तो हम दुनिया को बदलने में सक्षम हैं। इसके लिए सरकार, सिविल सोसाइटी, निजी क्षेत्र और व्यक्तियों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। भारत में लगभग 11.9 करोड़ लोग कुपोषित हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों पर सबसे अधिक बोझ है। सरकार वितरण केंद्रों के माध्यम से आठ करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देती है, लेकिन पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि निजी क्षेत्र स्थानीय स्तर पर यह जिम्मेदारी संभाले।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Make in India: पीएम मोदी की अपील 'विदेशी सामानों के उपयोग से परहेज', 'कैट' ने की सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
'CSR में पांच फीसदी का योगदान करती है मालाबार'
मालाबार समूह के अध्यक्ष एम पी अहमद ने 'द हंगर फ्री वर्ल्ड' परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 29.5 करोड़ लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं। कंपनी सीएसआर गतिविधियों में शुद्ध लाभ का 5 प्रतिशत योगदान देती है, जो सरकार के अनिवार्य 2 प्रतिशत से कहीं अधिक है। इस परियोजना के तहत वर्तमान में भारत और जाम्बिया में प्रतिदिन 70,000 भोजन पैकेट वितरित किए जाते हैं। भारत में, 20 राज्यों में फैले 167 केंद्रों के जरिए 60,000 से अधिक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
तनिष्क और कल्याण ज्वैलर्स से ज्यादा मालाबार का राजस्व
मालाबार समूह का वार्षिक राजस्व अब 64,000-65,000 करोड़ रुपये है। यह तनिष्क के 42,000 करोड़ रुपये और कल्याण ज्वैलर्स के 24,000-25,000 करोड़ रुपये से बहुत अधिक है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - CRPF: सील व हस्ताक्षर वाली क्लासीफाइड जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाता था ASI, हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
विज्ञापन
पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना जरूरी- अमिताभ कांत
अमिताभ कांत ने आगे कहा कि अगर मालाबार समूह जैसे और समूह हों, तो हम दुनिया को बदलने में सक्षम हैं। इसके लिए सरकार, सिविल सोसाइटी, निजी क्षेत्र और व्यक्तियों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। भारत में लगभग 11.9 करोड़ लोग कुपोषित हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों पर सबसे अधिक बोझ है। सरकार वितरण केंद्रों के माध्यम से आठ करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देती है, लेकिन पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि निजी क्षेत्र स्थानीय स्तर पर यह जिम्मेदारी संभाले।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Make in India: पीएम मोदी की अपील 'विदेशी सामानों के उपयोग से परहेज', 'कैट' ने की सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
'CSR में पांच फीसदी का योगदान करती है मालाबार'
मालाबार समूह के अध्यक्ष एम पी अहमद ने 'द हंगर फ्री वर्ल्ड' परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 29.5 करोड़ लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं। कंपनी सीएसआर गतिविधियों में शुद्ध लाभ का 5 प्रतिशत योगदान देती है, जो सरकार के अनिवार्य 2 प्रतिशत से कहीं अधिक है। इस परियोजना के तहत वर्तमान में भारत और जाम्बिया में प्रतिदिन 70,000 भोजन पैकेट वितरित किए जाते हैं। भारत में, 20 राज्यों में फैले 167 केंद्रों के जरिए 60,000 से अधिक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
तनिष्क और कल्याण ज्वैलर्स से ज्यादा मालाबार का राजस्व
मालाबार समूह का वार्षिक राजस्व अब 64,000-65,000 करोड़ रुपये है। यह तनिष्क के 42,000 करोड़ रुपये और कल्याण ज्वैलर्स के 24,000-25,000 करोड़ रुपये से बहुत अधिक है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन