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देरी से पहुंची शिक्षिकाओं को प्रधानाध्यापिका ने बनाया बंधक
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 07 May 2016 04:37 AM IST
सार
- कई सालों से प्रधानाध्यापिका पद को लेकर चल रहा है विवाद
- गोली मरवाने की धमकी दी, ग्रामीणों ने कराया बंधक मुक्त
- खंड शिक्षा अधिकारी छपरौली ने विद्यालय पहुंचकर की जांच
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विस्तार
पद को लेकर चल रहे विवाद में महावतपुर गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में प्रधानाध्यापिका ने शुक्रवार को देरी से पहुंची तीन अध्यापिकाओं को बंधक बना लिया। यहीं नहीं, भाई से गोली मरवाने की धमकी भी दी। इस दौरान वहां एक वृद्ध महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसे भी कमरे में अध्यापिकाओं के साथ बंद कर दिया। एक घंटे बाद ग्रामीणों के समझाने पर कमरे का ताला खोलकर अध्यापिकाओं और महिला को बाहर निकाला गया। इसके बाद प्रधानाध्यापिका स्कूल बंद कर चली गई।
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सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी छपरौली स्कूल पहुंचे और जांच की। उधर, प्रधानाध्यापिका ने भी कोतवाली में शिक्षिकाओं के खिलाफ तहरीर दी है। महावतपुर गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में कई वर्षों से प्रधानाध्यापिका के चार्ज को लेकर विवाद चला आ रहा है। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका गायत्री और अध्यापिका नीरज, नीरु, मनीष तैनात है। शुक्रवार की सुबह तीनों अध्यापिकाएं पांच मिनट की देरी से विद्यालय पहुंची तो प्रधानाध्यापिका आगबबूला हो गई। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका उन्हें गालियां देने लगी और मारपीट शुरू कर दी। उन्हें कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और अपने भाई से गोली मरवाने की धमकी दी। इसके बाद मोहल्ले में शोर मचा दिया कि मुझे अध्यापिकाओं ने पीटा है। शोर सुनकर मोहल्ले की एक वृद्ध महिला वहां पहुंची और उसने अध्यापिकाओं को कमरे से बाहर निकाले का कहा।
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आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने उसे भी धमकाते हुए शिक्षिकाओं के साथ कमरे में बंद कर दिया। एक घंटे बाद कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और बमुश्किल समझा बुझा कर कमरे का ताला खुलवाया। अध्यापिकाओं और वृद्धा को बाहर निकाला। इसी दौरान स्कूल बंद कर प्रधानाध्यापिका वहां से चलती बनी। इसे लेकर विद्यालय में कई घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। इसकी सूचना एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव को दी गई। उनके निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी छपरौली डॉ. प्रभात कुमार विद्यालय पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच की। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। उन्होंने यहां से सभी शिक्षिकाओं का स्थानांतरण किए जाने की संस्तुति की है।
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क्या है पूरा विवाद
डेमो पिक
कुछ माह पूर्व विद्यालय में प्रधानाध्यापिका का चार्ज नीरज पर था। बीएसए ने उसे गांव में ही स्थित दूसरे विद्यालय में अटैच कर दिया था और प्रधानाध्यापिका का चार्ज गायत्री को दे दिया था। पांच माह पूर्व पुन: नीरज को प्राइमरी पाठशाला महावतपुर में भेज दिया गया। इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया। शिक्षिकाओं का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन कुछ न कुछ हंगामा करती रहती है।
मोहल्ले के लोगों ने भी प्रधानाध्यापिका की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्रधानाध्यापिका से परेशान तीनों अध्यापिकाओं ने तबादले की अर्जी भी लगाई हुई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान अजय तोमर ने बताया कि विद्यालय में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। इससे गांव वाले भी परेशान है।
विद्यालय की तीनों शिक्षिकाएं प्रधानाध्यापिका की धमकी से भयभीत है। शिक्षिका नीरज व नीरु ने बताया कि उनका भाई बदमाश किस्म का है, कहीं वे उनके साथ कुछ अनहोनी न करा दें। इसे लेकर वे काफी भयभीत है।
प्रधानाध्यापिका गायत्री का कहना था कि शिक्षिकाएं आए दिन लेट आती है और जबरन उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर करती है। शुक्रवार को भी जब वे लेट आई तो उन्होंने हस्ताक्षर करवाने से मना कर दिया, लेकिन शिक्षिकाओं ने उनसे रजिस्टर छीन लिया और हाथापाई की। उन्होंने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया है और कोतवाली में तहरीर दी है।
मोहल्ले के लोगों ने भी प्रधानाध्यापिका की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्रधानाध्यापिका से परेशान तीनों अध्यापिकाओं ने तबादले की अर्जी भी लगाई हुई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान अजय तोमर ने बताया कि विद्यालय में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। इससे गांव वाले भी परेशान है।
विद्यालय की तीनों शिक्षिकाएं प्रधानाध्यापिका की धमकी से भयभीत है। शिक्षिका नीरज व नीरु ने बताया कि उनका भाई बदमाश किस्म का है, कहीं वे उनके साथ कुछ अनहोनी न करा दें। इसे लेकर वे काफी भयभीत है।
प्रधानाध्यापिका गायत्री का कहना था कि शिक्षिकाएं आए दिन लेट आती है और जबरन उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर करती है। शुक्रवार को भी जब वे लेट आई तो उन्होंने हस्ताक्षर करवाने से मना कर दिया, लेकिन शिक्षिकाओं ने उनसे रजिस्टर छीन लिया और हाथापाई की। उन्होंने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया है और कोतवाली में तहरीर दी है।