मिशन 2019: किसान रैलियों से 'जमीन' पर उतरी सरकार, पीएम 11 को मुक्तसर से करेंगे शुरूआत
खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऐलान के बाद अब सरकार इसे भुनाने में जुट गई है। सरकार ने एमएसपी समेत कृषि कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर गांवों और किसानों तक पहुंचाने के लिए मल्टीमीडिया अभियान चलाने की भी योजना बनाई है। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसके प्रचार का जिम्मा संभालते हुए खास किसान रैलियों को संबोधित करने की योजना बनाई है। जिसकी शुरूआत 11 जुलाई को पंजाब के मुक्तसर में कृषि कल्याण रैली से होगी। मोदी इन रैलियों में रबी फसलों पर भी एमएसपी का ऐलान कर सकते हैं।
सरकार ने इसके लिए एक इंटीग्रेटेड हाई डेसिबल मल्टीमीडिया कैंपेन चलाने की योजना बनाई है। पंजाब के मुक्तसर जिले के मलोट में होने वाली 'कृषि कल्याण रैली' से इसका आगाज होगा। वैसे भी खेती खलिहानों के लिहाज से पंजाब और पंजाब के किसान पूरे देश में अपना स्थान रखते है।
मुक्तसर भी कृषि किसान आंदोलन का मुख्य केन्द्र रहा है। इस रैली को एनडीए के सहयोगी अकाली दल ने धन्यवाद रैली के तौर पर आयोजित किया है। रैली में पंजाब, हरियाणा के 1 लाख से ज्यादा किसानों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुक्तसर के बाद प्रधानमंत्री 21 जुलाई को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 'किसान कल्याण रैली' को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री की यूपी में होने वाली सभी रैलियों की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय को सौंपी गई है, लेकिन 21 जुलाई को शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली का प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा को बनाया गया है।
चौधरी चरण और देवी लाल ने तो केवल उठाई आवाज
भाजपा किसान मोर्चा के प्रभारी और यूपी के भदोही जिले से सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने बताया कि एमएसपी को लेकर चौधरी चरण सिंह, चौधरी देवीलाल और कर्पूरी ठाकुर ने समय-समय पर आवाज उठाई और तमाम आंदोलन भी चलाए। लेकिन मोदी सरकार ने पहली बार खरीफ फसलों में डेढ़ गुना एमएसपी देने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि विपक्षी सवाल उठा रहे हैं कि केवल खरीफ फसलों पर एमएसपी लागू किया है, चूंकि अभी खरीफ की बुवाई का वक्त है, इसलिए अभी सिर्फ इसी पर ही लागू किया गया है, लेकिन जैसे ही रबी फसलों की बुवाई का वक्त आएगा, सरकार रबी के लिए भी एमएसपी का ऐलान करेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री अपनी आगामी रैलियों में इस बारे में आगे की घोषणा कर सकते हैं।
वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री की इन योजनाओं से न केवल किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी, बल्कि उसकी सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी इन रैलियों में न केवल अपनी कल्याणकारी योजनाओं को किसानों के सामने रखेंगे, बल्कि वे यह भी बताएंगे कि कैसे इस सरकार ने पहली बार स्वामीनाथन कमेटी की मुख्य सिफारिशों को लागू किया है।
सेलिब्रिटी को जोड़ने की योजना
दरअसल सरकार देश की आबादी के 70 फीसदी ग्रामीण लाभार्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ना चाहती है। सरकार मल्टीमीडिया कैंपेन को आकर्षक बनाने और मजबूती देने के लिए किसी सेलिब्रिटी को भी जोड़ने पर विचार कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि इंटीग्रेटेड हाई डेसिबल मल्टीमीडिया कैंपेन को बनाने के पीछे मुख्य वजह यह है कि सभी 8 योजनाओं को एक ही अभियान में शामिल किया जाए, ताकि भारत भर में गांवों के विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को जनता प्रभावी तरीक़े से जान सके।