फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Prime Minister Modi said Five lakh crores recovered from defaulters in seven years a law like IBC improved health of banks

प्रधानमंत्री ने कहा: सात साल में डिफॉल्टर्स से पांच लाख करोड़ वसूले, आईबीसी जैसे कानून ने सुधारी बैंकों की सेहत

Fri, 19 Nov 2021 04:22 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 19 Nov 2021 04:22 AM IST
सार

प्रधानमंत्री ने दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) लागू करने को बैंकों की सेहत सुधारने वाला कदम बताया। कहा, भारतीय बैंकिंग क्षेत्र अब कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है और उन्हें पूरी ऊर्जा के साथ न सिर्फ आर्थिक मदद के लिए आगे आना चाहिए, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार सृजन में भी बड़ी भूमिका निभानी होगी।

विज्ञापन
Prime Minister Modi said Five lakh crores recovered from defaulters in seven years a law like IBC improved health of banks
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

अर्थव्यवस्था में बैंकिंग क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैंकों को आर्थिक मदद के साथ रोजगार सृजन पर जोर देना होगा। बैंकिंग क्षेत्र के एक सम्मेलन में उन्होंने दिवालिया कानून के जरिये बैंकों पर फंसे कर्ज का दबाव घटने का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में हमारी सरकार आने के बाद डिफॉल्टर्स से अब पांच लाख करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) लागू करने को बैंकों की सेहत सुधारने वाला कदम बताया। कहा, भारतीय बैंकिंग क्षेत्र अब कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है और उन्हें पूरी ऊर्जा के साथ न सिर्फ आर्थिक मदद के लिए आगे आना चाहिए, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार सृजन में भी बड़ी भूमिका निभानी होगी।
विज्ञापन


भारतीय बैंकों को अपनी बैलेंस शीट सुधारने के साथ देश की संपत्ति शीट को भी मजबूत बनाना होगा। सरकार लगातार सुधारों के जरिये फंसी संपत्तियों की वसूली का रास्ता साफ कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एनएआरसीएल) की स्थापना की गई है, जो दो लाख करोड़ की फंसी संपत्तियों का समाधान करेगी। हमने एनपीए को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ बैंकों को पूंजी भी मुहैया कराई, जिससे वे दोबारा आर्थिक प्रगति में भागीदार बन सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सख्ती : आर्थिक भगोड़ों के पास लौटने के अलावा कोई चारा नहीं
प्रधानमंत्री ने देश का पैसा लूटकर विदेश भागने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि ईमानदार करदाताओं का पैसा लेकर देश छोड़ने वाले आर्थिक भगोड़ों के पास वापस लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हमारी सरकार ऐसे अपराधियों की देश वापसी के लिए कूटनीतिक रूप से हर कदम उठा रही है। हमने कानून और नीतियों को सख्त बनाया और कूटनीतिक प्रयासों का सहारा लिया। ऐसे लोगों से बकाया वसूली लगातार जारी है और अब वापस लौटने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, मोदी ने किसी भी आर्थिक भगोड़े का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे अपराधियों की ओर था, जो बैंकों से करीब हजारों करोड़ की राशि लेकर विदेश भाग गए थे।

सुझाव : ग्राहकों तक खुद पहुंचें बैंक
प्रधानमंत्री ने बैंकिंग क्षेत्र को सुझाव दिया कि वे ग्राहकों का अपने पास आने के लिए इंतजार न करें, बल्कि खुद ग्राहकों तक पहुंचें। देश मेें वित्तीय समावेश बढ़ाने के लिए बैंकों के अपने कामकाज का तरीका बदलना होगा। पिछले छह-सात साल में बैंकिंग क्षेत्र के हर वर्ग में सुधार किया गया है। बैंकर्स को भी खुदरा उपभोक्ताओं के साथ छोटे-मझोले उद्यमों को आगे बढ़ने के लिए व्यापक समाधान उपलब्ध कराना चाहिए। मोदी ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के हर ईमानदार फैसले की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार दीवार बनकर खड़ी है। 

बैंकों को दिया लक्ष्य
मोदी ने बैंकों के लिए 15 अगस्त, 2022 तक एक लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत हर बैंकिंग शाखा को कम से कम 100 ऐसे ग्राहक अपने साथ जोड़ने होंगे, जिनका पूरा कारोबार डिजिटल माध्यम से चल रहा हो।

सराहना : दुनिया के संजीवनी बना भारतीय फार्मा क्षेत्र
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में बड़ी भूमिका निभाने वाली घरेलू फार्मा कंपनियों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय फार्मा क्षेत्र दुनिया के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। हमने 100 देशों में 6.5 करोड़ से ज्यादा कोविड वैक्सीन की डोज पहुंचाई, जबकि 150 देशों को दवाएं और चिकित्सा उपकरण मुहैया करा रहे हैं।

फार्मा क्षेत्र के पहले वैश्विक नवाचार सम्मेलन में मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से अब हेल्थकेयर सेक्टर को 12 अरब डॉलर से ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है। यह क्षेत्र 30 लाख रोजगार देने के साथ 13 अरब डॉलर का व्यापार सरप्लस मुहैया कराता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फार्मा क्षेत्र की सबसे बड़ी भूमिका रहने वाली है। हम दुनियाभर के उद्यमियों को आमंत्रित करते हैं कि वे भारत में आकर नवाचार की नींव डालें और मेक इन इंडिया के तहत उत्पादन करके पूरी दुनिया तक उसे पहुंचाएं। 

संभावना : 7.5 फीसदी रहेगी विकास दर
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति (ईएसी-पीएम) ने बृहस्पतिवार को संभावना जताई कि अगले वित्तवर्ष में भारत की विकास दर 7-7.5 फीसदी रहेगी। समिति ने कहा, 2022-23 में निर्माण सहित अन्य बड़े क्षेत्रों के पटरी पर लौटने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, इसका ये मतलब नहीं है कि अगले बजट में ज्यादा टैक्स और राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल महामारी के दबाव से बाहर आ चुकी है और चालू वित्तवर्ष में 10 फीसदी के आसपास विकास दर हासिल कर सकती है।


रिजर्व बैंक और आईएमएफ ने भी 9.5 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है। इस लिहाज से अगले वित्तवर्ष में वास्तविक विकास दर 7.5 फीसदी के आसपास रह सकती है। परिषद की बैठक में शामिल सदस्यों ने कहा, कोविड ने पूंजीगत खर्च पर गहरा असर डाला है। अगले बजट में भी हमारा लक्ष्य निजीकरण का स्पष्ट रोडमैप बनाने और विकासोन्मुखी योजनाएं लाने पर रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed