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महामारी पर चर्चा: पी चिदंबरम बोले- संसद की स्थायी समितियों की बैठक से इनकार करना निराशाजनक

Sun, 16 May 2021 12:32 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sun, 16 May 2021 12:32 AM IST
सार

संसद की स्थायी समितियों की बैठक डिजिटल माध्यम से कराए जाने से इनकार करने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने जताई निराशा, कहा- महामारी पर चर्चा करना कोई गोपनीय मुद्दा नहीं है।

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Presiding officer of Lok Sabha and Rajya Sabha refuse to hold the standing committees of Parliament through digital medium
पी चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों द्वारा संसद की स्थायी समितियों की बैठक डिजिटल माध्यम से कराए जाने से इनकार करने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि वह उनके फैसले से निराश हैं क्योंकि महामारी पर चर्चा करना सरकारी या रक्षा से जुड़ा कोई गोपनीय मुद्दा नहीं है।

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चिदंबरम ने कहा कि महामारी के दौरान स्थायी समितियों की बैठकों की अनुमति देने के लिए संसद के दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों पर जनता की तरफ से दबाव बनाना चाहिए।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘पीठासीन अधिकारियों के निष्कर्ष बेहद निराशाजक हैं। दुनिया भर में संसदों की बैठकें हो रही हैं। हमारी संसद को भी बहुत गंभीर हालात में बैठक करनी चाहिए। लेकिन अगर संसद की कार्यवाही नहीं होती है तो कम से कम डिजिटल तरीके से संसदीय समितियों की बैठकें तो होनी ही चाहिए।’
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चिदंबरम ने कहा, ‘इसमें गोपनीयता जैसी क्या चीज है? संसद की स्थायी समिति की बैठक के बाद अगले दिन अखबारों में खबरें छपती हैं। महामारी की स्थिति पर चर्चा करने में क्या गोपनीयता है। हम रक्षा संबंधी गोपनीय मामलों पर चर्चा नहीं कर रहे। हम परमाणु मामलों पर या रक्षा तैयारी अथवा आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा नहीं कर रहे।’


फैसले पर निराशा जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों को रक्षा या रक्षा तैयारियों और महामारी की स्थिति जैसे विषयों पर अंतर समझना चाहिए। कांग्रेस के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ‘शासन का गुजरात मॉडल’ चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में विधानसभा का सत्र छह महीने में केवल एक दिन के लिए हुआ और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अब संसद में भी यही हो रहा है।

विपक्षी नेताओं ने महामारी के दौरान डिजिटल माध्यम से संसद की स्थायी समितियों की बैठकें आयोजित कराने की मांग की थी।

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