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जम्मू-कश्मीर में अभी राष्ट्रपति का ही रहेगा शासन, एलजी आदेश का करेंगे पालन
Fri, 01 Nov 2019 04:15 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 01 Nov 2019 04:15 AM IST
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गिरीश चंद्र मुर्मू
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जम्मू-कश्मीर ने विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश का वजूद भले पा लिया हो, लेकिन वहां का शासन फिलहाल लेफ्टिनेंट गवर्नर के हाथों नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्वारा चलाया जाएगा। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से जारी आदेश के मुताबिक लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मु राष्ट्रपति के ही आदेश का पालन करेंगे।
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यह व्यवस्था फिलहाल अनिश्चित काल तक रहेगी। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव और सरकार गठन के बाद ही वहां का शासन जेएंडके पुनर्गठन कानून के तहत चलाया जा सकेगा। हालांकि लद्दाख में बृहस्पतिवार से ही इस कानून के तहत लेफ्टिनेंट गवर्नर के हाथों शासन चलेगा। गौरतलब है कि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है।
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इससे पहले राष्ट्रपति ने एक ताजा अध्यादेश के तहत जम्मू-कश्मीर में अबतक अनुच्छेद 356 के आधार पर लागू राष्ट्रपति शासन खत्म कर दिया। चूंकि केंद्र शासित प्रदेश में अनुच्छेद 356 लागू नहीं होता। लिहाजा राष्ट्रपति ने जेएंडके पुनर्गठन कानून की धारा 73 के तहत जम्मू-कश्मीर का शासन अपने हाथ में रखा है। अधिसूचना के मुताबिक पुनर्गठन कानून में धारा 73 के तहत विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रपति जम्मू-कश्मीर की कमान अपने हाथ में ले सकते हैं।
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अधिसूचना में कोविंद ने कहा है कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से चिट्ठी आई थी कि नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में फिलहाल इस कानून के तहत लेफ्टिनेंट गवर्नर के जरिए शासन नहीं चलाया जा सकता। हालांकि अधिसूचना में इस बात का जिक्र नहीं हैं कि यह स्थिति विधानसभा के गठित नहीं होने की वजह से है। राष्ट्रपति के मुताबिक वह जम्मू-कश्मीर का शासन अपने हाथ में ले रहे हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर राष्ट्रपति के आदेश का पालन करेंगे।