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राष्ट्रपति ने कही गंभीर बात, राष्ट्र की ताकत के लिए जरूरी है अर्थव्यवस्था की मजबूती
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 17 Sep 2018 09:39 PM IST
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राष्ट्रपति कोविंद का कहना है कि लेखापरीक्षा और लेखा सेवा विभाग के अधिकारियों की विधायिका के प्रति जवाबदेही सुनिशिचित करने में अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि लेखापरीक्षा और लेखा सेवा के अधिकारी जनता के भरोसे और वित्तीय अनुशासन के रखवाले हैं। साथ ही सूचना सेवा के अधिकारियों से कहा कि सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी देश के कोने-कोने तक पहुंचाएं।
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सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति कोविंद ने भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा, भारतीय व्यापार सेवा और भारतीय सूचना सेवा के ट्रेनी अधिकारियों के अलग-अलग समूहों से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट्स सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में अहम भूमिका निभातीं हैं। उन्होंने कहा कि विधायिका के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लेखापरीक्षा और लेखा सेवा अधिकारियों की अहम भूमिका है।
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राष्ट्रपति ने कहा कि आज की वैश्विकरण की दुनिया में किसी भी राष्ट्र की ताकत उसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच दुनिया के बाजारों और व्यापार से ज्यादा हिस्सा लेने के लिए जमकर प्रतिस्पर्धा हो रही है। पिछले दो दशकों में हमनें व्यापार को बढ़ावा देने के लिए काफी कुछ किया है और बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। एतिहासिक रूप से वैश्विक व्यापार में भारत का पर्याप्त हिस्सा है, जो तकरीबन दो फीसदी है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे में व्यापार सेवा के अधिकारियों की भूमिका भी काफी अहम हो जाती है। साथ ही, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश वैश्विक व्यापार में अपनी पुरानी स्थिति को फिर से हासिल करे।
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सूचना सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सूचना के क्षेत्र में काफी कुछ होने के बावजूद जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों और कल्याण योजनाओं की जानकारी नहीं है, जिनसे उन्हें फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि इन कार्यक्रमों के बारे में देश के सुदूर इलाकों और छोटे-छोटे गांव में रहने वाले नागरिकों के पास तक पहुंचे। इस काम में भारतीस सूचना सेवा के अधिकारियों की भूमिका अहम साबित हो सकती है। भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी सरकार की योजनाओं का संचार करने के लिए प्रासंगिक और व्यवहारिक बनाएं।