{"_id":"5df0560c8ebc3e87dc405666","slug":"president-ramnath-kovind-meet-with-his-12-year-old-friend-in-the-crowd-in-odisha","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीड़ में दिखा दोस्त तो प्रोटोकॉल भूले राष्ट्रपति, मंच पर बुलाकर गले गलाया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भीड़ में दिखा दोस्त तो प्रोटोकॉल भूले राष्ट्रपति, मंच पर बुलाकर गले गलाया
Wed, 11 Dec 2019 08:17 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 11 Dec 2019 08:17 AM IST
विज्ञापन
अपने दोस्त से मिलते हुए राष्ट्रपति
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोस्ती की एक शानदार मिसाल पेश करते हुए, अपने दोस्त को भीड़ से बुलाकर मुलाकात की। दरअसल, रविवार को राष्ट्रपति कोविंद ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय के 'प्लेटिनम जुबली समारोह' में शिरकत करने पहुंचे थे। राष्ट्रपति के आने की सूचना मिलने पर दर्शकों की भारी भीड़ वहां पहुंची। ऐसे में मंच पर मौजूद राष्ट्रपति कोविंद ने उस भीड़ में बैठे अपने एक 12 साल पुराने दोस्त को देखा, जिससे मिलने के लिए उन्होंने प्रोटोकॉल भी भुला दिया।
विज्ञापन
दोस्त को सफेद पगड़ी से पहचाना
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने अपने इस 12 साल पुराने दोस्त को भीड़ में सिर्फ एक सफेद रंग पगड़ी से पहचाना। फिर उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से गुजारिश की कि कार्यक्रम के समापन के बाद वह उनके मित्र को मंच पर ले आएं। जब दोनों मिलें, तो उन्होंने एक-दूसरे को गले से लगा लिया। दोनों मित्र एक लंबे अरसे बाद मुलाकात कर रहे थे, तो साथ में कुछ तस्वीरें भी खिंचवाई।
विज्ञापन
दो साल तक साथ किया काम
बताया गया कि राष्ट्रपति के दोस्त का नाम बीरभद्र सिंह है। बीरभद्र सिंह साल 2000 से 2006 तक राज्यसभा में एससी/एसटी कमेटी के सदस्य के तौर पर काम किया। उस दौरान राष्ट्रपति कोविंद भी इसके सदस्य थे। दोनों मित्रों ने कम से कम दो वर्षों तक साथ काम किया है। ओडिशा के पूर्व राज्यसभा सदस्य बीरभद्र सिंह कहते हैं कि वो राष्ट्रपति से 12 साल बाद मिल रहे हैं। लेकिन उनका मिलने का अंदाज पहले जैसा ही था। वह राष्ट्रपति के इस व्यवहार से बेहद खुश थे।
विज्ञापन