President Election: कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, द्रौपदी मुर्मू को बताया बुरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वालीं
अजय कुमार ने कहा, मोदी सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है। रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति हैं, लेकिन देश में अनुसूचित जाति के लोगों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने हाथरस की घटना पर भी एक शब्द नहीं बोला।
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राष्ट्रपति चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, सियासत भी गहराती जा रही है। इस बीच दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी भी तेज हो गई है। बुधवार को कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी करके नए विवाद को जन्म दे दिया है। वहीं, गुरुवार को एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस नेता अजय कुमार की टिप्पणी के खिलाफ ओडिशा भाजपा विधायकों ने राज्य विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन किया।
एएनआई को दिए बयान में कांगेस नेता ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू शालीन हैं। हालांकि, वह देश की बुरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अजय कुमार ने कहा, हमें उन्हें आदिवासियों के प्रतीक के रूप में नहीं देखना चाहिए।
बेवकूफ बना रही मोदी सरकार
अजय कुमार ने कहा, मोदी सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है। रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति हैं, लेकिन देश में अनुसूचित जाति के लोगों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने हाथरस की घटना पर भी एक शब्द नहीं बोला। प्रतीक बनाना और देश के लोगों को बेवकूफ बनाना ही मोदी सरकार का काम है। यह देश की आत्मा की लड़ाई है।
#WATCH | Yashwant Sinha is good candidate, Droupadi Murmu is a decent person but she represents evil philosophy of India. We shouldn't make her symbol of tribals...Ram Nath Kovind is President but atrocities happening on SCs. Modi govt's fooling people: Congress leader Ajoy Kumar pic.twitter.com/E2vFyTT0aP
— ANI (@ANI) July 13, 2022
यशवंत सिन्हा अच्छे व्यक्ति
कांग्रेस नेता ने यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए सबसे अच्छा उम्मीदवार बताया है। उन्होंने कहा, वह अच्छे व्यक्ति हैं। समान विचारधारा वाली सभी पार्टियों को विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए वोट करना चाहिए। इससे पहले यशवंत सिन्हा ने अपने एक बयान में कहा था कि वह राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल रोक देंगे। सिन्हा ने वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तुलना खामोश राष्ट्रपति से करते हुए कहा कि पिछले पांच साल राष्ट्रपति भवन में खामोशी का दौर देखा गया है। राष्ट्रपति को उस दौर में कई मुद्दों पर बोलना चाहिए था।