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President Murmu: जलवायु परिवर्तन को लेकर राष्ट्रपति ने जताई चिंता, कहा- प्रकृति से सम्मान से व्यवहार करना होगा

Sat, 10 Dec 2022 06:51 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 10 Dec 2022 06:51 PM IST
सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मनुष्यों को प्रकृति और जैव विविधता के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना भी सीखना चाहिए और उसका अनुसरण करना चाहिए।

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President Draupadi Murmu expressed concern about climate change
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को मानवाधिकार दिवस के मौके पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि गरीब देशों के लोग जलवायु परिवर्तन के होने वाले पर्यावरण प्रभावों से 'भारी कीमत' चुकाने जा रहे हैं। समाज को पर्यावरण न्याय पर विचार करना चाहिए।

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प्रकृति से सम्मान से व्यवहार करना भी सीखना होगा
साथ ही कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए कहा कि मनुष्यों को प्रकृति और जैव विविधता के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना भी सीखना चाहिए और उसका अनुसरण करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हम पर्यावरण और मवेशी से जुड़े मानवाधिकार को कुचल रहे हैं। हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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पेड़ बोल सकते तो वो हमें बताते...
सभी प्राणियों के साथ समान व्यवहार पर बात करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  ने कहा कि मैं पूछती हूं कि अगर हमारे आसपास के जानवर और पेड़ बोल सकते तो वो हमें क्या बताते.. हमारी नदियां मानव इतिहास के बारे में क्या कहतीं और हमारे मवेशी मानवाधिकार के विषय पर क्या कहते। हमने लंबे वक्त तक उनके अधिकारों को कुचला है और अब परिणाम हमारे सामने है। हमें सभी प्राणियों और उनके आवास स्थान से सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए।
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प्रकृति के साथ अच्छा व्यवहार करना नैतिक दायित्व
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि प्रकृति से सम्मान के साथ व्यवहार करना हमारा ना केवल नैतिक दायित्व है, बल्कि हमारे अपने अस्तित्व के लिए भी आवश्यक है। प्रकृति के साथ समान बर्ताव करना हमें सीखना होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि कि मैंने पहले भी कहा है कि हमें न्याय की धारणा का विस्तार करने का प्रयास करना चाहिए।  पिछले कुछ वर्ष में दुनिया को असामान्य मौसम प्रवृत्तियों के कारण कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है।

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