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लापता है 250 किलो का 'जय', खोजने वाले को मिलेेंगे 50 हजार रुपए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 Jul 2016 07:01 PM IST
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- फोटो : facebook.com/vinit.arora.35
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महाराष्ट्र के नागपुर में एक बाघ 'जय' के लापता होने पर लोगों ने प्रार्थना सभा आयोजित की। लोगों ने उसकी घर वापसी और अच्छे स्वास्थ्य के लिए हवन भी किया। जय उमरेद कारहांडला बाघ अभ्यारण्य में रहने वाला 250 किलो का बाघ है। उसकी उम्र 6 साल है।
‘जय’ बीते 18 अप्रैल को अचानक गायब हो गया था। उसे ढूंढ़ने के लिए वन्य विभाग के 100 से ज्यादा लोगों की टीम लगी हुई है। इसके साथ ही उसे खोजने वाले को 50,000 रुपये का ईनाम देने की भी घोषणा की गई है। उसे खोजने के लिए 350 गांव में गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं।
अभ्यारण्य में घूमने वाले लोगों के लिए जय आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। उसे घूमना बहुत पसंद था। वह इससे पहले भी लापता हो चुका है, लेकिन कुछ दिनों बाद वह लौट आता था। इस बार भी लोगों को यही उम्मीद थी। लापता होने से पहले वह आखिरी बार जिस जगह पर देखा गया था, वह शहर से करीब 60 किमी की दूरी पर है।
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‘जय’ बीते 18 अप्रैल को अचानक गायब हो गया था। उसे ढूंढ़ने के लिए वन्य विभाग के 100 से ज्यादा लोगों की टीम लगी हुई है। इसके साथ ही उसे खोजने वाले को 50,000 रुपये का ईनाम देने की भी घोषणा की गई है। उसे खोजने के लिए 350 गांव में गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं।
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अभ्यारण्य में घूमने वाले लोगों के लिए जय आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। उसे घूमना बहुत पसंद था। वह इससे पहले भी लापता हो चुका है, लेकिन कुछ दिनों बाद वह लौट आता था। इस बार भी लोगों को यही उम्मीद थी। लापता होने से पहले वह आखिरी बार जिस जगह पर देखा गया था, वह शहर से करीब 60 किमी की दूरी पर है।
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जय का पता लगाने वाले को मिलेगा 50 हजार ईनाम
वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफर्स की एक स्वतंत्र संस्था 'कंजरवेशन लेंसेज एंड वाइल्डलाइफ' ने जय के बारे में खबर देने वाले को 50 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है। संस्था ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति जय के बारे में ऐसी जानकारी देता है जिससे कि वह मिल जाए, तो उसे ईनाम दिया जाएगा।
कई एनजीओ, वन्यजीव फोटोग्राफर्स, पर्यटक, गाइड्स और वन्यजीव संरक्षकों ने साथ मिलकर जय की तलाश के लिए मुहिम शुरू की है। नागपुर, चंद्रपुर, गोंडिया और भानडारा जिलों के कई स्वयंसेवकों ने जय को तलाशने का संकल्प लिया है।
कई एनजीओ, वन्यजीव फोटोग्राफर्स, पर्यटक, गाइड्स और वन्यजीव संरक्षकों ने साथ मिलकर जय की तलाश के लिए मुहिम शुरू की है। नागपुर, चंद्रपुर, गोंडिया और भानडारा जिलों के कई स्वयंसेवकों ने जय को तलाशने का संकल्प लिया है।
130 किमी चलकर हुआ था लोकप्रिय
सितंबर 2013 में जय गोडिंया भानडारा के नागजिरा बाघ अभयारण्य से करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय कर उमरेद कारहांडला पहुंचा था। इस रास्ते में उसने कई गांव और यहां तक कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 भी पार की थी। उस समय से वह चर्चा में है। 6 साल और 250 किलो के इस बाघ के लापता होने से वह फिर से चर्चा में है।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पहले ही बाघों की संख्या कम है। ऐसे में इतने बड़े और मशहूर बाघ का तीन महीने से लापता होना चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस बाघ को ढूंढने के लिए कहा है।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पहले ही बाघों की संख्या कम है। ऐसे में इतने बड़े और मशहूर बाघ का तीन महीने से लापता होना चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस बाघ को ढूंढने के लिए कहा है।
जय के लिए लोगों ने किया हवन
जय
महाराष्ट्र के वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि जय के लापता होने की वजह से चिंता बनी हुई है। उसके गले में लगा रेडियो कॉलर संदेश नहीं दे रहा है। हो सकता है कि वह किसी हाईटेंशन बिजली के तार के पास से गुजरा हो, जिससे उसका रेडियो कॉलर काम करना बंद कर दिया हो। फिर भी वह उसे ढूंढने की कोशिश में हैं।