कांग्रेसी होते हुए भी भाजपा के इन दो प्रधानमंत्रियों से खासा प्रभावित थे प्रणब मुखर्जी
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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे प्रणब मुखर्जी अब हमारे बीच नहीं हैं। सोमवार को 84 साल की आयु में उनका निधन हो गया। देश के 13वें राष्ट्रपति मुखर्जी का पूरा राजनीतिक जीवन भले ही कांग्रेस के साथ बीता हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं से वह खासा प्रभावित थे। ये दो नेता हैं पूर्व प्रधानमत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी। इसका जिक्र उन्होंने खुद एक कार्यक्रम में किया था।
अटल बिहारी वाजपेयी को मुखर्जी सबसे असरदार प्रधानमंत्री मानते थे तो नरेंद्र मोदी के बारे मे उनकी राय तेजी से सीखने वाले प्रधानमंत्री की थी। नरेंद्र मोदी खुद कह चुके हैं कि जब वह दिल्ली आए थे तो प्रणब दा ने ही उन्हें अंगुली पकड़कर चलना सिखाया था। राष्ट्रपति के रूप में जब मुखर्जी का अंतिम दिन था तो प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें चिट्ठी लिखकर कहा था कि आपके साथ काम करना सम्मान की बात रही।
अटल बिहारी वाजपेयी के मुरीद थे प्रणब मुखर्जी
साल 2017 में प्रणब मुखर्जी ने एक कार्यक्रम में अटल बिहारी बाजपेयी से संबंधित एक किस्सा सुनाया था। उन्होंने कहा था, 'मैं राज्यसभा में था। अचानक मैंने देखा कि प्रधानमंत्री मेरी सीट की ओर आ रहे हैं। मैंने शर्मिंदगी महसूस की। मैंने उनसे कहा कि आपने मेरे पास आने की तकलीफ क्यों की? आप किसी को भेज देते तो मैं ही आ जाता। इस पर वाजपेयी ने कहा कि हम दोस्त हैं। इसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस (तत्कालीन रक्षा मंत्री) मेहनती मंत्री हैं, उनके लिए ज्यादा तल्ख न हों। मैंने उनसे कहा कि आपकी इस बात की मैं तारीफ करता हीं कि आप अपने साथी की इतनी चिंता करते हैं।'
नरेंद्र मोदी को बताया था तेजी से सीखने वाला प्रधानमंत्री
वहीं, नरेंद्र मोदी को लेकर प्रणब दा ने कहा था कि उनके काम करने का अलग तरीका है। उन्होंने जिस तरह से तेजी से चीजों को सीखा है, हमें उन्हें इसका क्रेडिट देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि एक व्यक्ति सीधे राज्य प्रशासन से आता है और यहां आकर केंद्र सरकार का मुखिया बन जाता है। इसके बाद वह दूसरे देशों के संबंध बनाता है और बाहरी अर्थव्यवस्था में दक्षता हासिल करता है। उन्होंने कहा था कि मोदी चीजों को बहुत बेहतर तरीके से ऑब्जर्व करते हैं। मोदी ने एक बात कहा था कि चुनाव जीतने के लिए बहुमत चाहिए लेकिन सरकार चलाने के लिए सभी का मत चाहिए। मुखर्जी ने उनकी इस बात की भी तारीफ की थी।
मुखर्जी ने अंगुली पकड़कर चलना सिखाया : नरेंद्र मोदी
मुखर्जी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और शोक व्यक्त किया। मुखर्जी के प्रति मोदी का सम्मान पहले भी दिखता रहा है। जुलाई 2016 में राष्ट्रपति भवन संग्रहालय के दूसरे चरण के उद्घाटन पर मोदी ने कहा था कि जब वह दिल्ली नए-नए आए थे तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें एक अभिभावक की तरह अंगुली पकड़कर चीजें सिखाई थीं। मोदी ने कहा था कि मुखर्जी से उन्होंने यह सीखा कि राजनीतिक विचारधारा अलग होने के बाद भी लोकतंत्र में मिलजुलकर काम किया जा सकता है।