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शर्मिष्ठा मुखर्जी ने किया खुलासा: प्रणब मुखर्जी मानते थे, 2014 में मोदी की लोकप्रियता ने भाजपा को दिलाया बहुमत

Sun, 28 Jun 2026 05:56 AM IST
निर्मल कांत ब्यूरो, नई दिल्ली।
ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 28 Jun 2026 05:56 AM IST
सार

2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत को लेकर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का मानना था कि यह जनादेश मुख्य रूप से नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जुड़ा था, जिसे उन्होंने मोदी से हुई मुलाकात में भी व्यक्त किया था। यह खुलासा पूर्व राष्ट्रपति की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने किया। पढ़िए रिपोर्ट-

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pranab Mukherjee believed modi popularity helped bjp win majority in 2014 sharmistha
शर्मिष्ठा मुखर्जी। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)

विस्तार

भाजपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव जीतकर जब पहली बार भारी बहुमत के साथ सरकार बनाई तब राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का मानना था कि पार्टी को यह जनादेश नरेंद्र मोदी की लोकप्रिय छवि की वजह से मिला है। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री मोदी से कही भी थी, जब वह पद संभालने के बाद उनसे मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। यह खुलासा प्रणब मुखर्जी की बेटी और उनकी विरासत को आगे बढ़ा रही शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक लेख में किया है।
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शर्मिष्ठा ने लिखा, जब चुनाव नतीजे आ गए, तो मोदी जी बाबा से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। इस दौरान बाबा ने उनसे पूछा कि इस चुनाव को लेकर उनका खुद का आकलन क्या कहता है? मोदी जी ने बोला-तीन दशक बाद देश में किसी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिला है। इस पर बाबा ने अपने प्रोफेसर वाले अंदाज में मुस्कुराते हुए पूछा-और क्या? मोदी जी चुप रहे, तब बाबा ने ध्यान दिलाया कि 2014 का चुनाव लोकसभा के इतिहास में बेहद अनोखा रहा क्योंकि इसमें पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिए एकदम नए चेहरे को पहले से ही दावेदार घोषित किया गया था। शर्मिष्ठा के मुताबिक, प्रणब दा का मानना था कि जनता ने भाजपा को जो भारी बहुमत दिया, वह सिर्फ पार्टी के लिए नहीं था बल्कि मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मिला जनादेश था। 
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पहले बड़े नेता तय करते थे किसको मिलेगी कुर्सी
शर्मिष्ठा ने लिखा, मोदी से पहले प्रधानमंत्री पद पर रहे डॉ. मनमोहन सिंह आम जनता के बीच से उभरे जननेता नहीं थे, उन्हें तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुना था। दो और प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और देवगौड़ा तो प्रधानमंत्री बनते समय सांसद भी नहीं थे। कुल मिलाकर, बड़े नेता मिलकर प्रधानमंत्री चुना करते थे।
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पहली बार सांसद से सीधे प्रधानमंत्री : शर्मिष्ठा ने यह भी कहा कि 2014 से पहले पीएम मोदी राष्ट्रीय राजनीति के लिए बिल्कुल नए थे। वह गुजरात के सीएम के तौर पर जरूर मजबूत पहचान बना चुके थे। भारतीय राजनीति में पहले कभी नहीं हुआ था कि कोई पहली बार सांसद बना हो और प्रधानमंत्री के तौर पर संसद भवन पहुंचा हो। 
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