बाघों की गणना में बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, जावड़ेकर बोले- भारत बाघों के प्रबंधन का नेतृत्व करने को तैयार
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दुनिया भर में मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस (29 जुलाई) से एक दिन पहले मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में बाघों की जनगणना की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कहा कि भारत बाघ श्रेणी के देशों के साथ मिलकर बाघों के प्रबंधन का नेतृत्व करने को तैयार है। ‘ग्लोबल टाइगर डे’ की पूर्व संध्या पर केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भूमि और वर्षा के अभाव के बावजूद भारत ने बांघ संपत्ति को लेकर जो उपलब्धि हासिल की है उस पर उसे गर्व है।
उन्होंने कहा कि ‘वर्ष 1973 में जहां सिर्फ नौ टाइगर रिजर्व थे, आज वे बढ़ कर 50 हो गए हैं। यह जानना महतवपूर्ण है कि इनमें से कोई भी रिजर्व खराब गुणवत्ता वाला नहीं है। या तो वे अच्छे हैं या बेहतर है।’
उन्होंने कहा कि ‘वैश्विक भूमि का महज 2.5 फीसदी, चार फीसदी वर्षा और विश्व की आबादी का 16 फीसदी होने की बाध्यता के बावजूद, भारत वैश्विक जैव-विविधता के मामले में आगे है। दुनिया की 70 फीसदी बाघ की आबादी आज भारत में है।’
उन्होंने कहा कि भारत आज बाघ श्रेणी के देशों के साथ मिलकर बाघों के संरक्षण में विश्व का नेतृत्व करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि ‘भारत को अपनी बाघ संपत्ति पर गर्व है। यह हमारी प्राकृतिक संपदा है। देश में आज दुनिया की 70 फीसदी बाघ आबादी है। हम सभी 13 बाघ श्रेणी के देशों के साथ बाघों के वास्तविक प्रबंधन में काम करने के लिए तैयार हैं।’
उन्होंने कहा कि देश को गर्व होना चाहिए कि बाघों की संख्या के मामले में हम विश्व का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘यह भारत की सॉफ्ट पावर है और इसे दुनिया के सामने हमें बेहतर तरीके से ले भी जाना चाहिए। हमारे पास 30,000 हाथी, 3,000 एक सींग वाले गैंडे और 500 से अधिक शेर हैं।'
India has 70% of the total tiger population of the world. India should be proud of it. This is one of our soft powers. We have 30,000 elephants, 3000 one-horned rhinos and more than 500 lions: Prakash Javadekar, Minister of Environment, Forest & Climate Change pic.twitter.com/6GGpz39QEs
— ANI (@ANI) July 28, 2020
भारत में सबसे बड़ा कैमरों का जाल बिछाकर गणना करने के इस अभूतपूर्व प्रयास को दुनिया में अपने आपकी पहली पहल के रूप में मान्यता दी गई है। कोरोना संक्रमण के चलते लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया।
रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 2010 में बाघ क्षेत्र वाले देशों के शासनाध्यक्षों ने बाघ संरक्षण पर सेंट पीटर्सबर्ग घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें सभी देशों ने 2022 तक बाघ क्षेत्र की अपनी सीमा में बाघों की संख्या दोगुना करने का संकल्प लिया था।
इसी बैठक के दौरान ही दुनिया भर में 29 जुलाई को वैश्विक बाघ दिवस के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया गया। तब से हर साल बाघ संरक्षण पर जागरूकता का सृजन करने और उसके प्रसार के लिए वैश्विक बाघ दिवस मनाया जा रहा है।
पिछले साल वैश्विक बाघ दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने तय समय से चार साल पहले ही बाघों की संख्या दोगुना करने के भारत के संकल्प को पूरा कर लेने की घोषणा की। भारत में अब दुनिया भर में रहने वाले बाघों की कुल संख्या का लगभग 70 फीसदी बाघ रहते हैं।