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Maharashtra: आरक्षण मुद्दे पर प्रकाश आंबेडकर 25 जुलाई से निकालेंगे जनयात्रा, बोले- सभी दल रुख स्पष्ट करें
Wed, 17 Jul 2024 10:30 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 17 Jul 2024 10:30 AM IST
सार
Reservation Issue: प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि जब तक शिवसेना (यूबीटी) जैसी समृद्ध मराठा समुदाय की पार्टियां है, तब तक कोई रास्ता निकालना संभव नहीं है।
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प्रकाश आंबेडकर
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र में आरक्षण मुद्दे को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) 25 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में आरक्षण बचाओ जनयात्रा आयोजित करेगी। पार्टी प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने इसकी जानकारी दी। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मांग की कि बिना आवेदन किए लोगों को जारी किए गए कुनबी जाति प्रमाण पत्र को रद्द किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से भी आरक्षण मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सेज सोयारे (रक्त संबंधी) अधिसूचना को लागू करने की मांग को कोटा में मिलावट बताया। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि अदालत ने पहले भी इसके खिलाफ फैसला दे चुकी है।
कार्यकर्ता मनोज जरांगे राज्य सरकार के उस मसौदा अधिसूचना को लागू करने की मांग कर रहे हैं जो कुनबियों को मराठा समुदाय के सदस्यों के सेज सोयारे के रूप में मान्यता देती है। उन्होंने सभी मराठों के लिए कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की, जिससे सभी मराठों को कोटा का लाभ मिल सकें।
बता दें कि कुनबी एक कृषि समूह है, जो अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी का हिस्सा है। कुछ ओबीसी कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मसौदा अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया। उन्होंने सरकार से आश्ववासन की मांग की कि उनका कोटा कम न किया जाए। राज्य में आरक्षण को लेकर प्रकाश आंबेडकर ने कहा, "राज्य में ओबीसी बनाम मराठा के रूप में दो समूह हैं। ओबीसी नेताओं को आरक्षण के मुद्दे के परिणाम से डर लगता है। जब तक शिवसेना (यूबीटी) जैसी समृद्ध मराठा समुदाय की पार्टियां है, तब तक कोई रास्ता निकालना संभव नहीं है। इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार) भी अपना रुख स्पष्ट नहीं करते हैं।"
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आंबेडकर ने आगे कहा कि ओबीसी नेताओं ने कोटा मामले पर वीबीए के रुख का समर्थन किया और साथ ही गांवों में लोगों के इस मुद्दे को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर भी जार दिया।
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कार्यकर्ता मनोज जरांगे राज्य सरकार के उस मसौदा अधिसूचना को लागू करने की मांग कर रहे हैं जो कुनबियों को मराठा समुदाय के सदस्यों के सेज सोयारे के रूप में मान्यता देती है। उन्होंने सभी मराठों के लिए कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की, जिससे सभी मराठों को कोटा का लाभ मिल सकें।
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बता दें कि कुनबी एक कृषि समूह है, जो अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी का हिस्सा है। कुछ ओबीसी कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मसौदा अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया। उन्होंने सरकार से आश्ववासन की मांग की कि उनका कोटा कम न किया जाए। राज्य में आरक्षण को लेकर प्रकाश आंबेडकर ने कहा, "राज्य में ओबीसी बनाम मराठा के रूप में दो समूह हैं। ओबीसी नेताओं को आरक्षण के मुद्दे के परिणाम से डर लगता है। जब तक शिवसेना (यूबीटी) जैसी समृद्ध मराठा समुदाय की पार्टियां है, तब तक कोई रास्ता निकालना संभव नहीं है। इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार) भी अपना रुख स्पष्ट नहीं करते हैं।"
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आंबेडकर ने आगे कहा कि ओबीसी नेताओं ने कोटा मामले पर वीबीए के रुख का समर्थन किया और साथ ही गांवों में लोगों के इस मुद्दे को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर भी जार दिया।