{"_id":"5883a3804f1c1b701beffd97","slug":"prakash-ambedkar-counter-on-manmohan-vaidya-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी चुनाव से पहले हवा का रुख भांपने का प्रयास कर रहा संघ: प्रकाश अंबेडकर ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूपी चुनाव से पहले हवा का रुख भांपने का प्रयास कर रहा संघ: प्रकाश अंबेडकर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:38 PM IST
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प्रकाश अंबेडकर
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भारिप बहुजन महासंघ नेता प्रकाश अंबेडकर ने शनिवार को कहा कि आरक्षण मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता मनमोहन वैद्य का बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले हवा का रुख भांपने का प्रयास है।
वैद्य ने शुक्रवार को जयपुर साहित्य महोत्सव में कहा था कि संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर भी आरक्षण को लंबे समय तक जारी रखने के पक्ष में नहीं थे और आरक्षण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए। वैद्य के बयान पर विवाद शुरू होने के बाद संघ ने स्पष्टीकरण दिया कि आरक्षण संविधान द्वारा मुहैया कराया गया है और इसे जारी रहना चाहिए तथा कोई अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए।
बीआर अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है और वहां से सबसे ज्यादा सांसद चुन कर आते हैं। ऐसे में वैद्य का बयान इस मुद्दे पर लोगों का रुख भांपने का प्रयास है, क्योंकि अगर कोई राजनीतिक क्षति होती है तो उसकी भरपाई के लिए भाजपा के पास अब भी दो साल का समय (लोकसभा चुनाव के पहले) है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर फिर से विचार के पीछे एकमात्र कारण उत्तर प्रदेश जैसे चुनावी राज्यों में लोगों का रुख भांपना है।
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प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार चुनाव के पहले ऐसी ही टिप्पणी की तो भाजपा को सिर्फ पांच प्रतिशत मतों का नुकसान हुआ। पार्टी राजद और जदयू के मतों के एकजुट होने के कारण हारी। वैद्य का बयान संघ परिवार द्वारा सामाजिक एकीकरण का प्रयास है। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि वह बयान की निंदा नहीं कर रहे हैं और चुप हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी दलितों और आरक्षण का लाभ लेने वालों से कह रहे हैं कि क्या वे अब भी भाजपा के साथ रहना चाहते हैं। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि मतदाताओं को इस मुद्दे पर भाजपा को संदेश देना चाहिए।
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वैद्य ने शुक्रवार को जयपुर साहित्य महोत्सव में कहा था कि संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर भी आरक्षण को लंबे समय तक जारी रखने के पक्ष में नहीं थे और आरक्षण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए। वैद्य के बयान पर विवाद शुरू होने के बाद संघ ने स्पष्टीकरण दिया कि आरक्षण संविधान द्वारा मुहैया कराया गया है और इसे जारी रहना चाहिए तथा कोई अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए।
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बीआर अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है और वहां से सबसे ज्यादा सांसद चुन कर आते हैं। ऐसे में वैद्य का बयान इस मुद्दे पर लोगों का रुख भांपने का प्रयास है, क्योंकि अगर कोई राजनीतिक क्षति होती है तो उसकी भरपाई के लिए भाजपा के पास अब भी दो साल का समय (लोकसभा चुनाव के पहले) है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर फिर से विचार के पीछे एकमात्र कारण उत्तर प्रदेश जैसे चुनावी राज्यों में लोगों का रुख भांपना है।
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प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार चुनाव के पहले ऐसी ही टिप्पणी की तो भाजपा को सिर्फ पांच प्रतिशत मतों का नुकसान हुआ। पार्टी राजद और जदयू के मतों के एकजुट होने के कारण हारी। वैद्य का बयान संघ परिवार द्वारा सामाजिक एकीकरण का प्रयास है। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि वह बयान की निंदा नहीं कर रहे हैं और चुप हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी दलितों और आरक्षण का लाभ लेने वालों से कह रहे हैं कि क्या वे अब भी भाजपा के साथ रहना चाहते हैं। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि मतदाताओं को इस मुद्दे पर भाजपा को संदेश देना चाहिए।