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बिजली विधेयक पर आपत्ति: संसद में पेश हुआ तो 10 अगस्त को हड़ताल पर जाएंगे 15 लाख कर्मचारी
Mon, 09 Aug 2021 12:13 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 09 Aug 2021 12:13 AM IST
सार
बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने एक नए विधेयक के विरोध में 10 अगस्त को हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
विस्तार
केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में बिजली संशोधन विधेयक 2021 पेश करने का फैसला किया है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने कहा कि इसके विरोध में बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने 10 अगस्त को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। फेडरेशन ने दावा किया कि केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ 10 अगस्त को पूरे देश में बिजली विभाग के 15 लाख कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
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फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने रविवार को कहा कि अगर सोमवार को विधेयक पेश किया जाता है तो हम हड़ताल पर जाएंगे। बता दें कि फेडरेशन की मांग है कि विधेयक को जल्दबाजी में पारित किए जाने के स्थान पर इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। फेडरेशन ने विभिन्न राजनीतिक दलों के संसदों से इस जनता विरोधी विधेयक का विरोध करने का अनुरोध किया है।
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दुबे ने कहा कि अगर यह विधेयक संसद की स्थायी समिति के सामने आपत्तियां रखने का मौका दिए बिना ही संसद में पेश किया जाता है तो यह प्रमुख हितधारकों, उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन एंड नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाईज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) ने इसे जनता विरोधी बताया है।
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फेडरेशन ने कहा कि केरल विधानसभा ने इस विधेयक का पूर्ण सहमति से विरोध किया है। बिहार और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे हैं। इसके अधिकारियों ने दावा किया कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों ने इस विधेयक का समय-समय पर सार्वजनिक मंचों पर विरोध किया है।