फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Post TMC-Cong break up, BJP bets on Ram Mandir, CAA for 35 Lok Sabha seats in Bengal

Politics: तृणमूल और कांग्रेस में खटपट से भाजपा को मिली ताकत, 35 लोकसभा सीटों के लिए राम मंदिर और सीएए पर दांव

Sun, 11 Feb 2024 11:43 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 11 Feb 2024 11:43 AM IST
सार

 तृणमूल कांग्रेस के आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने के फैसले से भाजपा की रणनीति को बल मिला है। इस कदम ने टीएमसी विरोधी वोटों को मजबूत करने की भगवा खेमे के भीतर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 
 

विज्ञापन
Post TMC-Cong break up, BJP bets on Ram Mandir, CAA for 35 Lok Sabha seats in Bengal
तृणमूल और कांग्रेस में खटपट से भाजपा को मिली ताकत - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इस साल लोकसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। कोई किसी मुद्दे को उठा रहा तो कोई किसी। बैठकों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कौन सी सीट किसकी होगी, इसको लेकर भी बहस जारी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी काफी कुछ दिलचस्प देखने को मिल रहा है। भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राजनीतिक रूप से ध्यान खींचने के लिए संघर्ष कर रही भाजपा अब अयोध्या में राम मंदिर और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) जैसे भावनात्मक विषयों अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। बता दें, भाजपा ने बंगाल से 42 लोकसभा सीटों में से 35 सीटें हासिल करने का लक्ष्य रखा है। 

विज्ञापन


इंडिया ब्लॉक से अलग टीएमसी
पश्चिम बंगाल में इंडिया ब्लॉक से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने के फैसले से भाजपा की रणनीति को बल मिला है। इस कदम ने टीएमसी विरोधी वोटों को मजबूत करने की भगवा खेमे के भीतर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 
विज्ञापन


2021 के विधानसभा चुनावों में अपनी हार के बाद से आंतरिक संघर्ष और चुनावी झटकों का सामना करने के बावजूद, ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भुनाने के भाजपा के प्रयास विफल रहे हैं। राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 35 पर जीत का लक्ष्य रखते हुए भाजपा अब राम मंदिर और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) जैसे भावनात्मक मुद्दों पर निर्भर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी के मूल मुद्दे
भाजपा की प्रदेश महासचिव अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'राम मंदिर का उद्घाटन और सीएए को लागू करना पार्टी के मूल मुद्दे हैं।' उन्होंने बंगाल में मतदाताओं के साथ पार्टी की प्रतिध्वनि पर जोर देते हुए कहा कि दोनों मुद्दे भावनात्मक हैं। लोग इससे जुड़ सकते हैं।

22 जनवरी को अयोध्या मंदिर में नए राम लला की एक मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई, यह आयोजन लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ, जिसने राजनीति को आकार दिया।

सीएए को लागू करने के वादे ने...
भाजपा सांसद और पूर्व राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी इन मुद्दों की भावनात्मक अपील को रेखांकित किया। इसके अलावा, उन्होंने हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने और विशेष रूप से मटुआ समुदाय के बीच शरणार्थी चिंताओं को संबोधित करने में उनके ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया। घोष ने कहा, 'सीएए को लागू करने के वादे ने भाजपा की चुनावी सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'

भाजपा नेता ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि जब वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब 2015 से 2021 तक पार्टी ने राज्य में जबरदस्त वृद्धि देखी थी। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर मुद्दे ने अतीत में भाजपा को लाभ पहुंचाया है और इस बार भी यह बंगाल सहित देश भर के हिंदुओं को एकजुट करने में हमारी मदद करेगा।'

यह है मूल्यवान वोटर
मटुआ लोग, जो राज्य की अनुसूचित जाति की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है, 1950 के दशक से ही धार्मिक उत्पीड़न के चलते पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भागकर पश्चिम बंगाल की ओर पलायन कर रहे हैं। यह लोग एकजुट रहते हैं, ऐसे में यह वोटर के रूप में बहुत मूल्यवान हैं। खासकर सीएए के कारण भाजपा को यह काफी लाभ पहुंचाते हैं। 

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के वादों के चलते मटुआ समुदाय ने 2019 में राज्य में भगवा खेमे के लिए मतदान किया था। केंद्रीय मंत्री एवं मटुआ नेता शांतनु ठाकुर ने हाल में कहा था कि सीएए को जल्द ही लागू किया जाएगा। भाजपा का लक्ष्य जहां 35 से अधिक सीटों पर है, वहीं अंदरूनी सूत्र 24 सीटों के अधिक व्यावहारिक लक्ष्य का संकेत देते हैं।


मुकाबला करने की इच्छा को...
राज्य में चुनाव जीतने के लिए भाजपा द्वारा राम मंदिर और सीएए का सहारा लेने के मुद्दे पर पार्टी नेताओं ने कहा कि यह संगठनात्मक चुनौतियों की स्वीकृति और तृणमूल का मुकाबला करने की इच्छा को दर्शाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed