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Gujarat Riot: गुजरात दंगों के 22 साल बाद गुलबर्ग सोसाइटी में पहली बार मना जश्न, यही पर 69 लोगों की गई थी जान

Wed, 06 Mar 2024 03:57 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 06 Mar 2024 03:57 PM IST
सार

रफीक मंसूरी ने बताया कि दंगों के दौरान उन्होंने अपने परिवार को 19 लोगों को खोया था। दंगों के बाद यहां रहने वाले लोग पलायन कर गए थे, जिसकी वजह से गुलबर्ग सोसाइटी वीरान हो गई थी।

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post 2002 gujarat riot first time pre wedding celebration in ahmedabad gulbarg society
गुलबर्ग सोसाइटी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

साल 2002 में गोधरा कांड के बाद गुजरात में जिन जगहों पर सबसे ज्यादा हिंसा हुई, उनमें अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी भी शामिल है। गुजरात दंगों के बाद अधिकतर लोग गुलबर्ग सोसाइटी छोड़कर चले गए थे और यह इलाका वीरान सा हो गया था। अब गुजरात दंगों के 22 साल बाद गुलबर्ग सोसाइटी में पहली बार जश्न मना। दरअसल यहां एक परिवार में शादी हुई, जिसका हल्दी का कार्यक्रम गुलबर्ग सोसाइटी में आयोजित किया गया। 
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22 साल बाद पहली बार मना गुलबर्ग सोसाइटी में जश्न
गुलबर्ग सोसाइटी के रहने वाले रफीक मंसूरी की 19 साल की बेटी मिसबाह की बुधवार को शादी है। शादी से पहले रफीक मंसूरी, उनके दोस्त और परिवार के अन्य लोग गुलबर्ग सोसाइटी में इकट्ठा हुए और मिसबाह की हल्दी सेरेमनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान फिल्मी गानों पर लोगों ने डांस किया और खाना-पीना खाया। रफीक मंसूरी ने बताया कि बीते 22 वर्षों में पहली बार गुलबर्ग सोसाइटी में जश्न मनाया गया, जो कि 2002 के दंगों के बाद से लगभग वीरान पड़ी हुई थी। शादी का समारोह मध्य प्रदेश के बड़वानी में हो रहा है। 
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सोसाइटी छोड़कर नहीं गए रफीक
रफीक मंसूरी ने बताया कि दंगों के दौरान उन्होंने अपने परिवार को 19 लोगों को खोया था। दंगों के बाद यहां रहने वाले लोग पलायन कर गए थे, जिसकी वजह से गुलबर्ग सोसाइटी वीरान हो गई थी। मंसूरी ने बताया कि जब 2002 में दंगे हुए तो उस वक्त वे 30 साल के थे। उन दंगों में मंसूरी की पत्नी, बेटे और परिवार के छह अन्य बच्चों की मौत हुई थी। मंसूरी ने बाद में दोबारा शादी कर ली थी। दंगों के बाद जहां सोसाइटी में रहने वाले अधिकतर लोग यहां से चले गए थे, वहीं मंसूरी ही अकेले थे, जो सोसाइटी छोड़कर नहीं गए। मंसूरी ने कहा कि यह उनके परिवार में पहली शादी है, इसलिए उन्होंने गुलबर्ग सोसाइटी में समारोह आयोजित करने का फैसला किया। 
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गुलबर्ग सोसाइटी मुस्लिम बहुल कालोनी थी, जिस पर 28 फरवरी 2002 को गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया था। गोधरा कांड के एक दिन बाद हुए इस हमले में कालोनी में रहने वाले 69 लोग मारे गए थे, जिनमें कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी भी शामिल थे। जून 2016 में गुजरात की विशेष अदालत ने गुलबर्ग सोसाइटी मामले में 24 लोगों को दोषी ठहराया था और उनमें से 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 
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