{"_id":"5ba3bc38867a557f53455189","slug":"pope-frees-bishop-mulakkal-from-the-responsibilities-of-the-clergy","type":"story","status":"publish","title_hn":"पादरी पद से हटाए गए बिशप मुलक्कल, प्रदर्शनकारी ननों ने किया पोप के फैसले का स्वागत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पादरी पद से हटाए गए बिशप मुलक्कल, प्रदर्शनकारी ननों ने किया पोप के फैसले का स्वागत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Updated Thu, 20 Sep 2018 08:56 PM IST
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नन से बलात्कार के आरोप को लेकर दूसरे दिन भी केरल पुलिस की पूछताछ से गुजरे बिशप फ्रांको मुलक्कल को पोप फ्रांसिस ने पादरी की जिम्मेदारियों से तत्काल अस्थायी तौर पर मुक्त कर दिया है। कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नन को न्याय दिलाने के लिए 13 दिन से प्रदर्शन कर रहीं ननों के समूह ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिशप के खिलाफ संघर्ष में यह उनकी ‘‘पहली जीत’’ है। इसने एक बयान में कहा कि पोप ने आर्कडियोसीस ऑफ बांबे के बिशप इमरिट्स एंग्लो रुफिनो ग्रैसियस को डियोसीस ऑफ जालंधर का एपोस्टोलिक प्रशासक बनाया है।
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यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब वरिष्ठ कैथोलिक पादरी फ्रांका मुलक्कल से विशेष जांच दल यहां दूसरे दिन भी पूछताछ कर रहा है। केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल के प्रवक्ता फादर वर्गीज वल्लीकट्टू ने पीटीआई भाषा से कहा कि पोप ने फ्रांका मुलक्कल द्वारा जालंधर डियोसी के बिशप पद से अस्थायी रूप से हटने के लिए 16 सितंबर को लिखे गये पत्र के आलोक में यह निर्णय लिया है। केरल पुलिस द्वारा इस मामले में पूछताछ के लिए तलब किये जाने के बाद फ्रांका मुलक्कल ने यह पत्र लिखा था।
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बिशप मुलक्कल पर मिशनरीज ऑफ जीसस कांग्रेगेशन ऑफ जालंधर डियोसी की केरल की एक नन से बार-बार बलात्कार करने का आरोप है। फ्रांका मुलक्कल ने आरोप से इनकार किया है। मुलक्कल की गिरफ्तारी और नन को न्याय दिए जाने की मांग को लेकर यहां प्रदर्शन कर रहीं विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों की ननों के समूह ने पोप के निर्णय का स्वागत किया। इस संबंध में एक नन ने कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं...वैटिकन ने अंतत: हमारी प्रार्थना सुन ली है। बिशप के खिलाफ हमारे संघर्ष में यह पहली जीत है।’’
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