फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pollution will end 40 percent of the world insects in few decades important for environment and humans

Pollution: कुछ दशकों में खत्म हो जाएंगे विश्व के 40% कीट, पर्यावरण-जैव विविधता और इंसानों के लिए अहम

Wed, 02 Aug 2023 05:12 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 02 Aug 2023 05:12 AM IST
सार

शोध के मुताबिक कीटों की घटती आबादी के लिए प्रदूषण के साथ शहरीकरण, कृषि क्षेत्र में बढ़ता कीटनाशकों का उपयोग और जलवायु परिवर्तन जैसी वजह जिम्मेदार हैं। प्रदूषण न केवल शहरों के आस-पास बल्कि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनकी आबादी को प्रभावित कर रहा है।

विज्ञापन
Pollution will end 40 percent of the world insects in few decades important for environment and humans
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

प्रदूषण इंसानों के साथ अन्य जीवों को भी प्रभावित कर रहे हैं। शोध से पता चला कि प्रदूषण के चलते आने वाले कुछ दशकों में दुनिया के 40 फीसदी कीट खत्म हो जाएंगे। यह कीटों के एंटीना और रिसेप्टर्स पर बहुत बुरा असर डाल रहे हैं।

विज्ञापन

शोध के मुताबिक कीटों की घटती आबादी के लिए प्रदूषण के साथ शहरीकरण, कृषि क्षेत्र में बढ़ता कीटनाशकों का उपयोग और जलवायु परिवर्तन जैसी वजह जिम्मेदार हैं। प्रदूषण न केवल शहरों के आस-पास बल्कि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनकी आबादी को प्रभावित कर रहा है। धरती के करीब 40 फीसदी हिस्से में प्रदूषण के यह कण विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा तय मानक के अनुसार वार्षिक औसत से ज्यादा हैं। यानी  कीटों पर पड़ने वाले वायु प्रदूषण का असर अनुमान से कहीं ज्यादा है। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न, बीजिंग वानिकी विश्वविद्यालय और कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है।

विज्ञापन

कीटों की गंध क्षमता हो रही क्षीण
शोधकर्ताओं के अनुसार प्रदूषण सीधे कीटों के एंटीना को प्रभावित करता है और मस्तिष्क को भेजे जाने वाले गंध संबंधी विद्युत संकेतों की शक्ति को कम कर देता है। कीटों की एंटीना में गंध को पकड़ने वाले रिसेप्टर्स होते हैं, जो आहार, स्रोत, संभावित साथी और अंडे देने के लिए एक अच्छी जगह खोजने में मदद करते हैं। ऐसे में यदि किसी कीट के एंटीना पार्टिकुलेट मैटर से ढके होते हैं तो उससे एक भौतिक अवरोध उत्पन्न हो जाता है। यह गंध को पकड़ने वाले रिसेप्टर्स और हवा में मौजूद गंध के अणुओं के बीच होने वाले संपर्क को रोकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हर दशक में घट रहे 9 फीसदी
शोधकर्ता वैज्ञानिकों के अनुसार यह नन्हें जीव पर्यावरण, जैव विविधता और इंसानों के लिए बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। इनके द्वारा करीब-करीब वो सभी फसलें परागित की जाती हैं, जिन पर मनुष्य और अन्य जीव-जंतु अपने आहार के लिए निर्भर करते हैं। इनकी भूमिका को इसी से समझा जा सकता है कि यह कीट 80 फीसदी से ज्यादा पौधों को परागित करते हैं, जो इंसानों समेत अनगिनत जीवों के लिए भोजन का प्रमुख स्रोत हैं। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए जारी की जाने वाली रेड लिस्ट में कीटों की सिर्फ 8 फीसदी प्रजातियां ही शामिल हैं। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक 1990 के बाद से कीटों की आबादी में करीब 25 फीसदी की कमी आई है, अनुमान है कि यह कीट हर दशक में करीब 9 फीसदी की दर से कम हो रहे हैं।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed