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ठाड़े रहिए! अभी मायावती और कांग्रेस गठजोड़ का दरवाजा बंद नहीं हुआ
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jul 2018 07:38 PM IST
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मायावती और सोनिया गांधी
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जिन लोगों को बसपा और कांग्रेस का गठजोड़ खत्म नजर आ रहा है, उन्हें थोड़ा इंतजार करना चाहिए। मध्य प्रदेश (म.प्र.) में भी कांग्रेस पार्टी और बसपा के गठजोड़ के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ में भी अभी पत्ता खुलना बाकी है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि अभी ठाड़े रहिए। इतनी जल्दबाजी भी ठीक नहीं है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कभी कांग्रेस पार्टी के राज में बड़े नेता रहे अजीत जोगी ने अपने पुत्र अमित जोगी के साथ मायावती से भेंट की थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी के सूत्र का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बसपा के एक नेता का भी मानना है कि जोगी और मायावती की मुलाकात हुई थी। ऐसी मुलाकात होती रहती है। अभी इसे आखिरी परिणाम मानना ठीक नहीं है।
म.प्र. को लेकर मायावती ने भले ही सभी सीटों पर बसपा के चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन अभी कांग्रेस नेताओं को वहां काफी उम्मीदें हैं। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि बसपा के ऊपर गठबंधन को लेकर परोक्ष रूप से काफी दबाव है। इसलिए अभी बसपा खुलकर पत्ते नहीं खोल रही है।
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राजस्थान में तालमेल की संभावना कम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि फिलहाल राजस्थान में कांग्रेस पार्टी और बसपा का कोई तालमेल नहीं होने जा रहा है। सूत्र का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस राजस्थान में इसकी हिमायती नहीं है। पार्टी के राजस्थान प्रभारी भी ऐसा नहीं चाहते। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि 2018 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी वहां पूर्ण बहुमत ला रही है। राजस्थान में पार्टी की इकाई वहां किसी भी तरह से तालमेल की पक्षधर नहीं है। लेकिन छत्तीसगढ़ और म.प्र. के साथ ऐसा नहीं है।
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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कभी कांग्रेस पार्टी के राज में बड़े नेता रहे अजीत जोगी ने अपने पुत्र अमित जोगी के साथ मायावती से भेंट की थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी के सूत्र का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बसपा के एक नेता का भी मानना है कि जोगी और मायावती की मुलाकात हुई थी। ऐसी मुलाकात होती रहती है। अभी इसे आखिरी परिणाम मानना ठीक नहीं है।
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म.प्र. को लेकर मायावती ने भले ही सभी सीटों पर बसपा के चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन अभी कांग्रेस नेताओं को वहां काफी उम्मीदें हैं। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि बसपा के ऊपर गठबंधन को लेकर परोक्ष रूप से काफी दबाव है। इसलिए अभी बसपा खुलकर पत्ते नहीं खोल रही है।
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राजस्थान में तालमेल की संभावना कम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि फिलहाल राजस्थान में कांग्रेस पार्टी और बसपा का कोई तालमेल नहीं होने जा रहा है। सूत्र का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस राजस्थान में इसकी हिमायती नहीं है। पार्टी के राजस्थान प्रभारी भी ऐसा नहीं चाहते। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि 2018 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी वहां पूर्ण बहुमत ला रही है। राजस्थान में पार्टी की इकाई वहां किसी भी तरह से तालमेल की पक्षधर नहीं है। लेकिन छत्तीसगढ़ और म.प्र. के साथ ऐसा नहीं है।