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Delhi: 'फांसी घर' पर गरमाई दिल्ली की सियासत, एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे भाजपा-आप

Wed, 06 Aug 2025 09:42 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 06 Aug 2025 09:42 PM IST
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Politics in Delhi heated up over fansi ghar, BJP and AAP blaming each other
दिल्ली विधानसभा - फोटो : पीटीआई

विधानसभा में बुधवार का सत्र तीखी बहस और भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। आप सरकार के कार्यकाल में विधानसभा परिसर के एक कक्ष को फांसी घर घोषित करने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सत्ता व विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर टकराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने शासन काल में शहीदों के नाम पर सहानुभूति बटोरने के लिए एक झूठ बोला और दिल्ली विधानसभा के एक कमरे को स्वतंत्रता काल का फांसी घर बता दिया। इसके निर्माण पर एक करोड़ रूपये भी खर्च किये गए। सरकार ने कहा है कि यह देश के इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश करने की कोशिश के साथ-साथ देश के शहीदों का अपमान भी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले में केस दर्ज कराने की मांग की है।     

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क्या है पूरा मामला
दरअसल, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के समय वर्ष 2021 में विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने दावा किया था कि विधानसभा में एक ऐसा घर मिला है जहां स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को फांसी दी जाती थी। उन्होंने एक घर में रस्सी से लटकाने की व्यवस्था होने की बात भी कही थी। यह भी दावा किया गया था कि विधानसभा से लाल किले तक एक सुरंग जाती थी जो फिलहाल बंद है। 
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फांसी घर नहीं, भोजन बनता था
दिल्ली में नई सरकार ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी सरकार का यह दावा पूरी तरह झूठ था। वर्तमान दिल्ली विधानसभा वाले भवन का निर्माण 1911-12 में किया गया था। यहां कानून निर्माण का काम किया जाता था। भारत सरकार और इतिहास के पुराने दस्तावेजों में इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि विधानसभा के स्थान पर कोई फांसी घर था। सरकार ने इतिहासकारों की जानकारी के आधार पर दावा किया है कि इस स्थान पर अंग्रेज अफसरों के लिए भोजन का निर्माण किया जाता था जिसे नीचे पहुंचाने के लिए एक रस्सी और तख्ते से लिफ्ट जैसी व्यवस्था की गई थी। 
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दावा है कि अंग्रेजों के जमाने में फांसी घर के स्थान पर इस समय मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज बनाया गया है जहां इस समय देश के सर्वश्रेष्ठ दंत चिकित्सा की जाती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि लोगों को शहीदों के नाम पर झूठ परोसने और पैसे की बर्बादी के लिए पिछली सरकार पर केस दर्ज किया जाना चाहिए।


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लोगों को भटकाने का काम कर रही सरकार- आतिशी 
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी मारलेना ने कहा कि जिस समय दिल्ली की जनता महंगाई और कई गंभीर मुद्दों से जूझ रही है, सरकार फांसी घर विवाद को हवा देकर लोगों को भटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा जनता की कमाई से चलाई जाती है, लेकिन विधानसभा में लोगों की परेशानियों के बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि स्कूलों-अस्पतालों की कमी और इलाज पर महंगे खर्च के बारे में विधानसभा में कोई  चर्चा नहीं की जा रही है, लेकिन बिना वजह के मुद्दों को उठाकर समय बर्बाद किया जा रहा है।

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