NITI Ayog: ममता के आरोपों पर पक्ष-विपक्ष में घमासान; भाजपा सांसद ने बताया ड्रामा तो गौरव गोगोई ने दिया ये जवाब
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि ममता बनर्जी ने कल नीति आयोग के सामने जो ड्रामा किया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें राज्य के विकास के लिए बैठक में चर्चा करनी चाहिए थी। उनका राज्य कर्ज में डूबा हुआ है लेकिन फिर भी वे इससे बाहर आने के लिए बैठक में चर्चा नहीं कर सकते।
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नीति आयोग की नौंवी गवर्निंग कौंसिल की बैठक से ममता बनर्जी के वॉकआउट करने और उनके आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है। जहां सत्ता पक्ष के नेता ममता बनर्जी के दावों को गलत करार देते हुए उनका विरोध कर रहे हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेता उनके समर्थन में सरकार को आड़े हाथों ले रहे हैं। दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने ममता बनर्जी द्वारा बैठक छोड़कर आने को ड्राम करार देते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, नीति आयोग की बैठक और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आरोपों पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा कि जिस तरह से एक सीएम का अपमान किया गया वह गलत है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल (शासी परिषद) की बैठक 27 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय बजट में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कुछ गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। विपक्षी गठबंधन की तरफ से केवल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बैठक में शामिल हुईं, लेकिन वह बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर आ गईं।
क्या हैं ममता बनर्जी के आरोप?
दिल्ली में नीति आयोग की बैठक पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'तीन साल से हमारा 100 दिन का काम (मनरेगा) बंद करके रखा, आवास योजना बंद करके रखा। ऐसे कोई सरकार नहीं चलती। आप अपनी पार्टी और दूसरी पार्टी में भेदभाव नहीं कर सकते, आप केंद्र में सत्ता में हैं। आपको सभी का ध्यान रखना होगा।' गुस्साईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया, 'मैंने बैठक में कहा कि आपको (केंद्र सरकार) राज्य सरकारों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। मैं बोलना चाहती थी लेकिन मुझे सिर्फ पांच मिनट ही बोलने की इजाजत मिली। जब मैं बोल रहीं थी उस समय मेरा माइक बंद कर दिया गया। मैंने पूछा कि मुझे क्यों बोलने से रोका गया। मेरे साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। आपको अपनी पार्टी और सरकार को अधिक अवसर देने के बजाय इस पर खुश होना चाहिए कि मैं बैठक में शामिल हुईं। विपक्ष की ओर से केवल मैं हूं और आप मुझे बोलने से रोक रहे हैं। यह केवल बंगाल का अपमान नहीं बल्कि यह सभी क्षेत्रीय दलों का अपमान है।'
बीजेपी सांसद राजू बिस्ता बोले-ममता का ड्रामा दुर्भाग्यपूर्ण
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि ममता बनर्जी ने कल नीति आयोग के सामने जो ड्रामा किया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें राज्य के विकास के लिए बैठक में चर्चा करनी चाहिए थी। उनका राज्य कर्ज में डूबा हुआ है लेकिन फिर भी वे इससे बाहर आने के लिए बैठक में चर्चा नहीं कर सकते। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी मुख्यमंत्री को नीति आयोग के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस सांसदों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
नीति आयोग की बैठक और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आरोपों पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर का कहना है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिस तरह से उन्होंने एक सीएम का अपमान किया है, वह सीमा से परे है। अभी तक यह संसद में विपक्षी नेताओं के माइक बंद करते थे, अब यह नीति आयोग में भी आ गए हैं जहां मुख्यमंत्रियों के माइक बंद किए जा रहे हैं। वे (भाजपा सरकार) सोचते हैं कि जब माइक बंद हो जाएगा तो हर कोई चुप हो जाएगा लेकिन भारत के लोग देख रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का कहना है कि भाजपा ने अपने केंद्रीय बजट के माध्यम से पूरे देश का बहिष्कार किया है। वे केवल सरकार बचाने और 2-3 बड़े उद्योगपतियों की मदद करने में रुचि रखते हैं और यही कारण है कि भारत ने आज भाजपा का बहिष्कार किया है। पीएम मोदी कमजोर हैं, असहाय हैं। हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में सबक सिखाया जाएगा।
ममता के दावे को सरकार ने किया खारिज
अब उनके आरोपों को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा कि बंगाल की सीएम का बोलने का समय पूरा हो गया था। प्रेस सूचना ब्यूरो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'ममता बनर्जी के किए जा रहे सभी दावे गलत हैं। उनके बोलने का समय पूरा हो गया था। यहां तक कि समय बताने के लिए बेल भी नहीं बजाई गई थी।' यह कहना गलत है कि ममता का माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि घड़ी के अनुसार, उनके बोलने का समय समाप्त हो गया था। बंगाल सीएम की बोलने की बारी दोपहर के भोजन के बाद आती, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक अनुरोध पर उन्हें सातवें वक्ता के रूप में बोलने की अनुमति दी गई, क्योंकि उन्हें जल्दी कोलकाता लौटना था।
सीतारमण ने भी कही ये बात
वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सीएम ममता बनर्जी ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। हम सभी ने उन्हें सुना। सभी मुख्यमंत्रियों को बोलने के लिए समय दिया गया था। बनर्जी ने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया था। यह पूरी तरह से झूठ है। प्रत्येक मुख्यमंत्री को बोलने के लिए उचित समय दिया गया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनका माइक बंद कर दिया गया था, जो सच नहीं है। उन्हें फिर से झूठ पर आधारित कहानी बनाने के बजाय सच बोलना चाहिए।'