फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Politics: Command of Uttarakhand elections at the hands of Pushkar Singh Dhami, Tirath Singh Rawat was not a winning face

सियासत: पुष्कर सिंह धामी के हाथों उत्तराखंड चुनाव की कमान, तीरथ सिंह रावत नहीं थे जिताऊ चेहरा

Sat, 03 Jul 2021 06:31 PM IST
योगेश साहू अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 03 Jul 2021 06:31 PM IST
सार

भाजपा की केंद्रीय टीम मान रही थी कि तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड में पार्टी को जीत नहीं दिला सकते थे, उनकी विदाई का यही सबसे बड़ा कारण रहा।

विज्ञापन
Politics: Command of Uttarakhand elections at the hands of Pushkar Singh Dhami, Tirath Singh Rawat was not a winning face
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : PTI

विस्तार

भाजपा ने एक बार फिर लोगों को चौंकाते हुए उत्तराखंड में एक ऐसे युवा चेहरे को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी है जो दूर-दूर तक मुख्यमंत्री पद की रेस में नहीं था। बेहद सामान्य सैनिक परिवार की पृष्ठभूमि से आने वाले पुष्कर सिंह धामी पर पार्टी ने दांव लगाया है। धामी खटीमा विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक रहे हैं। ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के बीच संतुलन रखते हुए पार्टी ने इस कुमाऊं राजपूत को जिम्मेदारी दी है। पार्टी को उम्मीद है कि इस नए चेहरे के साथ उसे उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल होगी।

विज्ञापन


बीजेपी के एक केंद्रीय नेता के मुताबिक, तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाए रखने में संवैधानिक संकट बड़ी बाधा नहीं बन सकता था, चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय से इसकी राह निकाली जा सकती थी, लेकिन असली वजह यह थी कि तीरथ सिंह रावत केंद्रीय नेतृत्व की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। उन्हें भी ठीक इन्हीं उम्मीदों के साथ लाया गया था कि वे युवा हैं और बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। उनकी सादगी से जनता को पार्टी के प्रति आकर्षित किया जा सकेगा।
विज्ञापन


लेकिन उनके विवादास्पद बयानों ने मीडिया में पार्टी की खूब किरकिरी कराई। लड़कियों की 'छोटी-फटी जींस' जैसे विवादित बयानों ने जनता के बीच उनकी छवि खराब कर दी थी। अपने केवल 115 दिन के कार्यकाल में वे सबको साथ नहीं रख पाए। केंद्रीय टीम को लगातार इस बात का संदेश मिल रहा था कि अगर तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में चुनाव में जाने का निर्णय किया जाता है तो यह पार्टी पर उलटा पड़ सकता है। यही कारण है कि उन्हें दिल्ली बुलाकर संवैधानिक संकट की बात बताकर इस्तीफा देने के लिए कह दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


संघ की रिपोर्ट भी उम्मीद के मुताबिक नहीं
जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड चुनावों को लेकर आरएसएस की रिपोर्ट भी पार्टी की उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। संघ पार्टी को लगातार इस बात के लिए चेतावनी दे रहा है कि इस पहाड़ी राज्य में प्रशासन के स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार बड़ी मुसीबत का कारण बन सकता है। कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय से ही लगाए जा रहे हैं। संगठन में सभी वर्ग को साथ न ले पाने का दुष्परिणाम पार्टी को उठाना पड़ सकता है।

यही कारण है कि पार्टी ने समय रहते एक ऐसे चेहरे पर दांव लगाया जिस पर अभी तक कोई दाग नहीं है। धामी का सैनिक पृष्ठभूमि से होना भी उत्तराखंड के चुनाव के लिहाज से पार्टी को सूट कर रहा था। पार्टी को उम्मीद है कि युवा, जोशीले और युवा कार्यकर्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय धामी पार्टी की चुनावी नैया को पार लगा सकेंगे। ठीक यही उम्मीद तीरथ सिंह रावत से भी लगाई गई थी।

पुष्कर सिंह धामी के सामने चुनौती
पुष्कर सिंह धामी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी में अनेक दिग्गजों को संतुष्ट करके साथ लेकर चलने की होगी। त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, गणेश जोशी, अरविंद पांडेय और सतपाल महाराज जैसे अनेक दिग्गज पार्टी में मौजूद हैं। सबको संतुष्ट कर पाना धामी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।


पार्टी नेता जोशी ने कहा
उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी की नेता नेहा जोशी ने अमर उजाला से कहा कि पार्टी ने बहुत सोच-समझकर पुष्कर सिंह धामी के युवा चेहरे पर यह जिम्मेदारी दी है। वे युवा और कर्मठ हैं, पार्टी के हर वरिष्ठ का उन्हें साथ हासिल है। ऐसे में उन्हें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय टीम का साथ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी एक बार फिर रिकॉर्ड बहुमत प्राप्त करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed